Subramanian Swamy on Daughter Muslim Marriage: बेटी के मुस्लिम धर्म में शादी करने पर क्या सोचते हैं सुब्रमण्यम स्वामी? जानिए क्या बोले BJP नेता
'बियर बाइसेप्स' नाम के यूट्यूब चैनल के साथ पॉडकास्ट में सुब्रमण्यम स्वामी ने बताया कि किससे शादी करनी है और किससे नहीं, इसका बेटी को पूरा अधिकार है. मुझे लगता है कि उस शादी में मेरी बेटी 'प्रमुख' रही. ऐसा इसलिए क्योंकि उस शादी में कोई मुस्लिम रस्म नहीं हुई थी.
बीजेपी नेता ने खुलासा किया- बेटी की सगाई का कार्यक्रम हिंदू समुदाय के पुजारियों (आर्य समाज के) की ओर से संपन्न किया गया था. लड़के की मां भी आर्य समाज को मानने वाली हैं.
डॉ.सुब्रमण्यम स्वामी के मुताबिक, लड़के (नदीम हैदर) के पिता सलमान हैदर से मैंने शादी को लेकर सवाल पूछा था तो वह बोले थे कि मुझे रस्म आदि में यकीन नहीं रखते हैं. ऐसे में आपको जैसे करना है, कार्यक्रम कर लीजिए. यही वजह रही कि हमने हिंदू रस्मों के साथ शादी की थी.
यह पूछे जाने पर कि जब बेटी ने आपको मुस्लिम से शादी करने के बारे में बताया था, तब आपका क्या रिएक्शन था? इस पर बीजेपी नेता बोले- मुझे लड़का और उनके पिता (लेफ्ट विंग सिविल सर्वेंट) पसंद आ गए थे. मैं पहले से उन्हें जानता था. मुझे तो इस शादी में कोई अंतर नहीं नजर आता है.
बीजेपी के पूर्व सांसद ने आगे यह भी दावा किया, मैं अक्सर लोगों से कहता हूं कि भारत में सभी मुसलमानों का डीएनए वही है, जो हिंदुओं का है. यानी उनके पुरखे भी हिंदू थे. ऐसे में आप क्यों परेशान हो रहे हैं...अगर उसने किसी इटली के नागरिक से शादी की होती तब क्या आप खुश होते? आप तो जानते हैं, कुछ लोगों (राजीव गांधी से सोनिया गांधी की शादी के संदर्भ में) ने ऐसा किया है.
20 फरवरी, 1973 को दक्षिण भारत के तमिलनाडु स्थित चेन्नई में जन्मीं सुहासिनी हैदर दिल्ली के लेडी श्रीराम कॉलेज और फिर अमेरिका की बॉस्टन यूनिवर्सिटी से पढ़ी हैं. मौजूदा समय में वह अंग्रेजी अखबार 'दि हिंदू' की डिप्लोमैटिक अफेयर्स की एडिटर हैं.
रणवीर अल्लाहबादिया के साथ हुए इस पॉडकास्ट में बीजेपी के सुब्रमण्यम स्वामी ने भ्रष्टाचार से लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीय राजनीति पर बेबाकी से राय रखी. उन्होंने आरोप लगाया कि पीएम मोदी झूठ बोलते हैं. यही वजह है कि उन्हें इस चुनाव में बीजेपी का उम्मीदवार नहीं होना चाहिए.