NDA 3.0 में दिखने लगा अंतर! राजनाथ सिंह का इस वजह से हुआ उभार, BJP ने सौंप दिया यह कार्यभार

केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के नरम दल के सीनियर नेता माने जाते हैं. आम तौर पर उनके दूसरे दलों के लीडर्स से भी अच्छे संबंध रहे हैं. शायद यही वजह है कि उन्हें अब पार्टी की ओर से मतभेद दूर करने से जुड़ा टास्क सौंपा गया है. अंग्रेजी अखबार 'दि इंडियन एक्सप्रेस' में छपे 'डेल्ही कॉन्फिडेंशियल' कॉलम में इसका जिक्र किया गया है. आइए, जानते हैं इस बारे में:
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस (एनडीए) की नई सरकार में कोई बहुत बड़ा फेरबदल नहीं हुआ है.
अहम बदलाव न होने के बाद भी केंद्रीय मंत्रिमंडल में एक महीन अंतर जरूर नजर आ रहा है और वह रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से जुड़ा है.
चकिया (यूपी) के रहने वाले बीजेपी के सीनियर नेता (72) एनडीए सहयोगियों के साथ समन्वय के लिए प्रमुख व्यक्ति के रूप में उभरे हैं.
केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह लंबे समय से बीजेपी में सभी दलों के नेताओं के साथ बेहद मधुर संबंधों को बनाए रखने के लिए जाने जाते हैं.
यही वजह है कि बीजेपी ने आम सहमति बनाने के लिए सहयोगी दलों के साथ कठिन मुद्दों को उठाने का काम राजनाथ सिंह को सौंपा है.
नई सरकार के गठन के बाद एनडीए सहयोगियों की पहली दो बैठकें राजनाथ सिंह के आवास यानी कि 17, अकबर रोड पर ही हुई हैं.
राजनाथ सिंह 2019 से रक्षा मंत्री हैं. मौजूदा समय में वह लोकसभा में सदन के उप-नेता (2014 से) हैं. वह दो बार बीजेपी चीफ भी रहे हैं.