MP में कांग्रेस छोड़ थामा भाजपा का हाथ, मंत्री पद की शपथ लेने वाले कौन-कौन, जानिए उनके बारे में
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने अपने कैबिनेट का एक्सटेंशन किया है. लगभग 2 महीने पहले कांग्रेस का दामन छोड़ भाजपा का हाथ थामने वाले विधायक रामनिवास रावत ने राजभवन में आज (8 जुलाई) सुबह 9:00 बजे मंत्री पद की शपथ ले ली.
कांग्रेस छोड़ भाजपा का दामन सामने वाले विधायक रावत ही नहीं है, बल्कि बीना से विधायक निर्मला सप्रे भी है. इन दोनों ही विधायकों के खिलाफ कांग्रेस ने विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर के पास सदस्यता खत्म करने की पिटीशन लगाई. अब पिटीशन लग गई है तो सदस्यता भी खतरे में पड़ सकती है. ऐसे में दोनों विधायकों को जल्द से जल्द पद से इस्तीफा देना होगा.
बात करते हैं रामनिवास रावत की तो श्योपुर के विजयपुर से 6 बार विधायक रह चुके हैं. चंबल क्षेत्र में ओबीसी वर्ग के बड़े नेता है. इन्होंने 2019 में मुरैना सीट से लोकसभा चुनाव भी लड़ा है. बता दें कि यह मध्य प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष भी रह चुके हैं. इसके पहले दिग्विजय सरकार में कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं और अब 30 अप्रैल 2024 को इन्होंने भाजपा का दामन थाम लिया .
सागर जिले के बीना विधानसभा क्षेत्र से विधायक निर्मला सप्रे की बात करें तो इन्होंने लोकसभा चुनाव के तीसरे चरण के मतदान से मात्र दो दिन पहले ही बीजेपी का दामन थाम लिया था. सीएम यादव ने ही इन्हें भाजपा में सदस्यता दिलाई थी. इन्होंने सागर जिले की आरक्षित बीना सीट से 2023 में विधानसभा चुनाव जीता था.
कांग्रेस से बीना विधायक निर्मला सप्रे का कहना था कि कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी द्वारा महिलाओं को लेकर दिए गए बयान के बाद उन्होंने भाजपा ज्वाइन की है. उन्होंने कहा था कि मैं आरक्षित वर्ग से महिला विधायक हूं और उस बात से मुझे बहुत ठेस लगी है, इसलिए मैं बीजेपी में जाना पसंद करती हूं. यहां महिलाओं का सम्मान है.