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जानिए 125 साल पुराने बिहार के उस स्कूल के बारे में, जहां से पढ़े हैं कई MP-MLAs

कविता गाडरी   |  06 Sep 2026 09:43 AM (IST)
जानिए 125 साल पुराने बिहार के उस स्कूल के बारे में, जहां से पढ़े हैं कई MP-MLAs

बिहार के मधुबनी में एक ऐसा स्कूल है, जिसकी पहचान सिर्फ पढ़ाई तक सीमित नहीं है. बिहार का 125 साल से ज्यादा पुराना वाॅटसन हाई स्कूल आज भी अपने पुराने भवन के साथ मजबूती से खड़ा है. कभी मधुबनी और आसपास के इलाकों के छात्रों के लिए शिक्षा का प्रमुख केंद्र रहा यह स्कूल आज भी जिले की शैक्षणिक, प्रशासनिक और खेल गतिविधियों में खास भूमिका निभा रहा है. यह वजह है कि न सिर्फ मधुबनी बल्कि पूरे बिहार में स्कूल को एक अलग पहचान मिली हुई है.

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वाॅटसन हाई स्कूल की स्थापना 1901 में वॉटसन नाम के एक ब्रिटिश अधिकारी ने की थी. उस दौर में यह मधुबनी का सबसे प्रमुख स्कूल था और दूर-दराज से छात्र यहां पढ़ने के लिए आते थे. स्कूल परिसर में उस समय पढ़ाई के साथ छात्रों के रहने के लिए छात्रावास, विज्ञान भवन और खेल की सुविधा भी उपलब्ध थी.

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वहीं वाॅटसन हाई स्कूल का सबसे खास आकर्षण इसका पुराना भवन है. 125 साल से ज्यादा समय बीतने के बावजूद इसका मुख्य भवन आज भी मजबूत स्थिति में है. स्कूल का विशाल मुख्य हाल भी इसकी खास पहचान है. इस हाल में एक साथ 500 से ज्यादा छात्र और अधिकारी बैठ सकते हैं. इस वजह से यहां बड़े स्तर की बैठक और प्रशासनिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाते हैं.

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स्कूल परिसर में विज्ञान भवन के अलावा एक बड़ा खेल मैदान भी है. समय के साथ परिसर में कई नई सुविधा और संस्थान भी जुड़े हैं, लेकिन पुराने भवन की पहचान आज भी बरकरार है. वहीं वाॅटसन हाई स्कूल का नाम सिर्फ शिक्षा के लिए ही नहीं, बल्कि यहां से पढ़कर निकले लोगों की वजह से भी जाना जाता है. इस स्कूल से पढ़ाई करने वाले कई लोग आगे चलकर राजनीति और दूसरे क्षेत्रों में पहुंचे हैं.

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पूर्व केंद्रीय मंत्री हुकुमदेव नारायण यादव, स्थानीय विधायक माधव आनंद और सांसद अशोक यादव सुमेत कई नेता इस स्कूल के छात्र रहे हैं. स्थानीय लोगों के अनुसार मधुबनी जिले के कई ऐसे लोग भी यहां से पढ़ें हैं, जिन्होंने आगे चलकर जरूरी पदों पर काम किया है.

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बताया जाता है कि आजादी के बाद के दौर में भी 8वीं कक्षा के बाद उच्च शिक्षा के लिए दूर दराज से छात्र यहां आते थे. छात्र स्कूल के छात्रावास में रहकर पढ़ाई करते थे, वही समय के साथ वाॅटसन स्कूल का परिसर शिक्षा के साथ-साथ प्रशासनिक और दूसरी गतिविधियों का केंद्र भी बन गया.

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यहां मुख्य स्कूल के अलावा प्राथमिक और मध्य विद्यालय, केंद्रीय विद्यालय और जिले से जुड़े दूसरे विभाग भी संचालित होते हैं. स्कूल परिसर में जिला, खेल विभाग और राहत एवं आपदा बचाव विभाग से संबंधित गतिविधियां भी चलती है.

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इसके अलावा सरकारी कार्यक्रमों के लिए इसी परिसर में मंच भी तैयार किया जाता है. इस वहीं जिले के कई पदाधिकारी से जुड़े कार्यालय और प्रशासनिक कामकाज भी यही होते हैं. जिसकी वजह से कहा जाता है कि 125 साल से ज्यादा पुराने वाॅटसन हाई स्कूल ने समय के साथ अपना स्वरूप जरूर बदला. लेकिन मधुबनी में शिक्षा और सार्वजनिक गतिविधियों के रूप में इसकी भूमिका आज भी बनी हुई है.

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