IAS बनना है तो आज ही फॉलो करें दिव्यकीर्ति सर की ये 3 बातें, आपको नहीं रोक पाएगी कोई भी ताकत

UPSC Preparation Tips: यूपीएससी की परीक्षा को हमारे देश में सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक माना जाता है. हर साल लाखों उम्मीदवार इस परीक्षा के लिए बैठते हैं, लेकिन सफलता कुछ ही को मिल पाती है. वहीं देश के कई बड़े-बड़े टीचर भी यूपीएससी की परीक्षा के लिए बच्चों को सलाह देते हैं.
दृष्टि आईएएस के संस्थापक और प्रसिद्ध शिक्षक विकास दिव्यकीर्ति का भी मानना है कि आईएएस बनने के लिए किसी जादूई ट्रिक की नहीं बल्कि तीन बुनियादी आदतों की जरूरत होती है. अगर कोई उम्मीदवार इन तीन बातों को लगातार फॉलो करें तो उसकी सफलता को कोई नहीं रोक सकता. ऐसे में चलिए आज हम आपको बताते हैं कि आईएएस बनने के लिए विकास दिव्यकीर्ति सर की कौन सी बातें आपको फॉलो करनी चाहिए .
विकास दिव्यकीर्ति के अनुसार यूपीएससी की तैयारी की शुरुआत अच्छी पढ़ाई से होती है. उनका कहना है कि सिर्फ किताबें खत्म करने पर ध्यान ना दें. बल्कि हर विषय को गहराई से समझने की कोशिश करें. वे सलाह देते हैं कि जो भी पढ़े उसे बारीकी से पढ़े और उसके पीछे की अवधारणा को पूरी तरह समझे. किसी टॉपिक को लेकर दोस्तों से चर्चा करें, बहस करें और तब तक पढ़ें, जब तक हर विषय पूरी तरह क्लियर ना हो जाए. तैयारी करने वाले उम्मीदवारों के लिए एनसीईआरटी किताबें सबसे बेहतर शुरुआती आधार मानी जाती है.
इसके अलावा विकास दिव्यकीर्ति दूसरी सलाह देते हैं कि यूपीएससी मेन्स में सिर्फ जानकारी होना काफी नहीं होता है. उसे सीमित शब्दों में प्रभावी तरीके से लिखना भी आना चाहिए. विकास दिव्यकीर्ति का कहना है कि मुख्य परीक्षा की सबसे महत्वपूर्ण स्किल उत्तर लेखन है.
दिव्यकीर्ति सर के अनुसार उम्मीदवारों को रोज लिखने की आदत डालनी चाहिए. हजार शब्दों की जानकारी को 200 से 250 शब्दों में समेटने का अभ्यास करना चाहिए. इससे सोचने-समझने और लिखने की क्षमता विकसित होती है. साथ ही उत्तरों में ज्यादा से ज्यादा तथ्य, आंकड़े और प्रमाणिक जानकारी शामिल करनी चाहिए, क्योंकि यूपीएससी में तथ्य आधारित जवाब ज्यादा प्रभावित माने जाते हैं.
वहीं विकास दिव्यकीर्ति सर तीसरी सलाह देते हैं कि कई उम्मीदवार पढ़ाई और लिखाई पर तो ध्यान देते हैं, लेकिन बोलने की कला को नजरअंदाज कर देते हैं. इंटरव्यू की तैयारी अलग से करने की जरूरत नहीं पड़ती, अगर आप की जिंदगी में संवाद करने की आदत विकसित कर लें.
दोस्तों के साथ चर्चा करें, ग्रुप डिस्कशन में हिस्सा लें और अपनी बात खुलकर रखना सीखें. कॉलेज की डिबेट, ड्रामा, कल्चरल प्रोग्राम और दूसरी एक्टिविटी में भाग लेना भी व्यक्तित्व विकास में मदद करता है. इससे कॉन्फिडेंस बढ़ता है और इंटरव्यू बोर्ड के सामने अपनी बात प्रभावी तरीके से रखने की क्षमता विकसित होती है.
विकास दिव्यकीर्ति सर के अनुसार शुरुआती उम्मीदवारों के लिए 6 से 7 घंटे की पढ़ाई पर्याप्त होती है, हालांकि गंभीर तैयारी करने वाले छात्रों को धीरे-धीरे अपनी पढ़ाई का समय बढ़कर 8 से 10 घंटे तक कर लेना चाहिए. उनका मानना है कि जब कोई उम्मीदवार अपने टारगेट को लेकर पूरी तरह समर्पित हो जाता है, तो उसे पढ़ने के लिए अलग से प्रेरित करने की जरूरत नहीं पड़ती.