Online Exam vs Offline Exam: ऑनलाइन एग्जाम ज्यादा सुरक्षित हैं या ऑफलाइन, किसमें ज्यादा रहता है लीक होने का खतरा?

NEET परीक्षा का पेपर लीक होने की खबर ने पूरे देश में हंगामा मचा दिया था. जिसमें करोड़ों छात्रों की मेहनत और सपनों पर सवाल खड़े हो गए है. वही रीपोर्टस के अनुसार केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने कड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. साथ ही जांच में 45 से ज्यादा लोगों के एक अंतर-राज्यीय नेटवर्क का खुलासा हुआ है. इन सब के बीच NTA (National Testing Agency) ने री-एग्जाम की घोषणा भी कर दी है. ऐसे में इस घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि क्या परीक्षा का तरीका ही बदल देना चाहिए? क्या ऑनलाइन एग्जाम ज्यादा सुरक्षित होगा या ऑफलाइन सिस्टम में ही भरोसा रखा जाए? इसी वजह से NEET के एग्जाम पैटर्न पर फिर से चर्चा तेज हो गई है.
NEET (National Eligibility cum Entrance Test) मेडिकल कोर्स में एडमिशन के लिए होने वाली देश की सबसे बड़ी परीक्षा होती है, जिसे NTA (National Testing Agency) कराती है. हाल ही में इस परीक्षा में पेपर लीक और गड़बड़ी के आरोप सामने आए, जिसके बाद कई जगहों पर जांच शुरू हुई. इस मामले ने छात्रों और अभिभावकों दोनों को परेशान कर दिया.
NEET जैसी परीक्षा अभी ऑफलाइन मोड में होती है, जहां एक ही दिन में देशभर के लाखों छात्र परीक्षा देते हैं. पेपर पहले से छपकर अलग-अलग सेंटरों पर भेजा जाता है. इसी प्रोसेस में कहीं न कहीं लीक या गड़बड़ी का खतरा बढ़ जाता है. क्योंकि पेपर फिजिकल फॉर्म में होता है, इसलिए उसे ट्रांसपोर्ट करना, स्टोर करना और सेंटर तक पहुंचाना हर जगह सुरक्षा चुनौती बन जाता है. यही वजह है कि पेपर लीक जैसी घटनाएं सामने आती हैं.
दूसरी तरफ अगर ऑनलाइन एग्जाम की बात करें तो इसमें पूरा सिस्टम डिजिटल होता है. हर छात्र कंप्यूटर या लैपटॉप पर अलग-अलग लॉगिन करके परीक्षा देता है. इसमें हर छात्र के लिए अलग सेट, अलग शफल्ड सवाल और रियल टाइम मॉनिटरिंग होती है. इसलिए इसमें पेपर लीक का खतरा काफी कम हो जाता है. साथ ही यही मॉडल JEE Main जैसे एग्जाम में इस्तेमाल किया जाता है, जिसे NTA ही कराती है.
NEET अभी भी ऑफलाइन मोड में होता है, जबकि JEE (Joint Entrance Examination) का मुख्य पेपर ऑनलाइन यानी CBT (Computer Based Test) होता है. यानी JEE में सवालों के कई सेट होते हैं और हर कैंडिडेट को अलग क्रम में पेपर मिलता है. इससे कॉपी या लीक करना लगभग नामुमकिन हो जाता है. वहीं NEET में एक ही पेपर होता है, जिससे सुरक्षा चुनौती बढ़ जाती है.
NEET और JEE दोनों ही परीक्षाएं NTA (National Testing Agency) के तहत होती हैं. लेकिन दोनों का तरीका अलग है. NEET में बड़ी संख्या में छात्रों को एक साथ ऑफलाइन परीक्षा देनी होती है, इसलिए लॉजिस्टिक्स और सुरक्षा चुनौती ज्यादा रहती है. वहीं JEE में डिजिटल सिस्टम होने के कारण सुरक्षा ज्यादा मजबूत मानी जाती है. लेकिन अगर ऑनलाइन एग्जाम में खराबी की बात करें तो इसमें भी हैकिंग, तकनीकी खराबी और इंटरनेट समस्या जैसी परेशानियों का खतरा रहता है.
NEET पेपर लीक के बाद अब यही बहस तेज हो गई है कि क्या पूरा सिस्टम ऑनलाइन किया जाना चाहिए. विशेषज्ञों की मानें तो ऑनलाइन एग्जाम ज्यादा सुरक्षित हो सकता है, लेकिन इसके लिए देशभर में मजबूत डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर जरूरी है. फिलहाल यह साफ है कि दोनों ही सिस्टम में अपनी-अपनी चुनौतियां हैं, लेकिन तकनीक और सुरक्षा बढ़ाकर परीक्षा को ज्यादा पारदर्शी बनाया जा सकता है.