IIT और IIIT में क्या है सबसे बड़ा अंतर जानिए, किस कॉलेज में मिलेगा बेहतर करियर और कैसे होगा एडमिशन

12वीं के बाद इंजीनियरिंग करने का सपना देखने वाले ज्यादातर छात्रों के मन में एक सवाल जरूर आता है कि IIT और IIIT में क्या अंतर है. दोनों ही देश के बेहतरीन संस्थान हैं, लेकिन यहां पढ़ाई का तरीका, मिलने वाले कोर्स, एडमिशन प्रक्रिया और करियर के मौके अलग-अलग हैं. इसलिए कॉलेज चुनने से पहले दोनों के बारे में सही जानकारी होना बेहद जरूरी है.
IIT यानी इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी देश के सबसे प्रतिष्ठित सरकारी इंजीनियरिंग संस्थानों में शामिल हैं. पूरे भारत में 23 IIT हैं, जहां मैकेनिकल, सिविल, इलेक्ट्रिकल, केमिकल, कंप्यूटर साइंस समेत कई इंजीनियरिंग ब्रांच में पढ़ाई होती है। इन संस्थानों में रिसर्च, इनोवेशन, आधुनिक लैब, बेहतरीन फैकल्टी और मजबूत प्लेसमेंट पर खास जोर दिया जाता है. यही वजह है कि IIT की डिग्री को देश और विदेश दोनों जगह काफी सम्मान मिलता है.
इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी मुख्य रूप से कंप्यूटर साइंस, आईटी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा साइंस और नई डिजिटल टेक्नोलॉजी से जुड़े कोर्स कराते हैं. देश में 26 IIIT हैं, जिनमें कुछ पूरी तरह सरकारी हैं जबकि कई पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल पर चलते हैं.अगर आपकी रुचि कोडिंग, सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट या टेक्नोलॉजी सेक्टर में है, तो IIIT आपके लिए अच्छा विकल्प साबित हो सकता है.
IIT में कोर इंजीनियरिंग, रिसर्च और कई तरह की इंजीनियरिंग ब्रांच उपलब्ध होती हैं. वहीं IIIT का पूरा फोकस सूचना प्रौद्योगिकी और कंप्यूटर से जुड़े विषयों पर रहता है. IIT के कैंपस आमतौर पर बड़े होते हैं और उनकी अंतरराष्ट्रीय पहचान भी मजबूत होती है. दूसरी ओर, IIIT छात्रों को इंडस्ट्री की जरूरतों के हिसाब से तैयार करते हैं और टेक्नोलॉजी सेक्टर में स्किल डेवलपमेंट पर ज्यादा ध्यान देते हैं.
IIT में हर साल देश-विदेश की बड़ी कंपनियां कैंपस प्लेसमेंट के लिए पहुंचती हैं और कई छात्रों को करोड़ों रुपये तक के पैकेज भी मिलते हैं. वहीं टॉप IIIT के छात्रों को भी आईटी और सॉफ्टवेयर कंपनियों में शानदार नौकरी के अवसर मिलते हैं. यहां औसत सालाना पैकेज आमतौर पर 10 से 20 लाख रुपये के बीच देखा जाता है.अगर आपका लक्ष्य कोर इंजीनियरिंग है तो IIT बेहतर विकल्प है, जबकि सॉफ्टवेयर और AI सेक्टर में करियर बनाना चाहते हैं तो IIIT अच्छा चुनाव हो सकता है.
IIT और IIIT दोनों में दाखिले के लिए उम्मीदवार का 12वीं में फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथ्स विषयों के साथ पास होना जरूरी है. IIT में प्रवेश के लिए पहले JEE Main और उसके बाद JEE Advanced परीक्षा पास करनी होती है.इसके बाद JoSAA काउंसलिंग के जरिए सीट आवंटित की जाती है.
वहीं ज्यादातर IIIT में एडमिशन JEE Main की रैंक के आधार पर होता है. कुछ संस्थान अपनी अलग प्रवेश प्रक्रिया भी अपनाते हैं. IIT में सीटें सीमित होने के कारण यहां प्रतियोगिता काफी ज्यादा रहती है.