Highest Paid Teachers: दुनिया के किन देशों में टीचर्स को मिलती है सबसे ज्यादा सैलरी, भारत किस नंबर पर?

हर देश में टीचर्स की सैलरी बहुत अलग-अलग होती है. यह उनके एक्सपीरियंस, शिक्षा लेवल और सरकारी नियमों पर भी निर्भर करती है. भारत में टीचर्स की सैलरी दुनिया के कई देशों के मुकाबले कम है, ऐसे में अगर आप विदेश में टीचिंग करने का सोच रहे हैं तो कई देश बेहतरीन ऑप्शन हैं. तो आइए जानते हैं कि दुनिया के किन देशों में टीचर्स को सबसे ज्यादा सैलरी मिलती है और भारत किस नंबर पर आता है.
लक्जमबर्ग में टीचर्स की सैलरी दुनिया में सबसे ज्यादा मानी जाती है. यहां का औसत शुरूआती सैलरी लगभग $71,647 है. एक्सपीरियंसी टीचर्स 80,000 से 115,000 यूरो तक सालाना कमा सकते हैं. भारतीय रुपये में यह लगभग 86 लाख से 1.24 करोड़ रुपये तक होता है. यहां मास्टर्स डिग्री वाले टीचर्स को भी ज्यादा सैलरी मिलती है.
जर्मनी में टीचर्स का वेतन एक्सपीरियंस के हिसाब से तय होता है. शुरुआती टीचर्स 1,300 यूरो प्रति माह कमा सकते हैं. 10 से 15 साल के एक्सपीरियंस वाले शिक्षक 55,000 से 67,000 रुपये सालाना कमा सकते हैं, जो भारतीय रुपये में लगभग 59 लाख से 72 लाख तक होता है. एक्सपीरियंस टीचर्स के लिए यह एक आकर्षक ऑप्शन है.
स्विट्जरलैंड में टीचर्स की सैलरी बहुत हाई होती है. शुरुआती टीचर्स लगभग 71,500 फ्रैंक प्रति साल कमा सकते हैं. 10 से 19 साल के एक्सपीरियंसड शिक्षक 90,246 फ्रैंक तक और 20 साल से ज्यादा एक्सपीरियंस वाले टीचर्स 91,074 फ्रैंक तक कमा सकते हैं. यहां मास्टर्स डिग्री वाले टीचर्स को ज्यादा भुगतान किया जाता है.
डेनमार्क में सेकेंडरी टीचर्स की औसत सालाना सैलरी 460,000 से 568,000 DKK है. भारतीय रुपये में यह लगभग 55 लाख से 68 लाख तक होती है. यहां एक्सपीरियंस के अनुसार सैलरी में और बढ़ोतरी होती है.
नीदरलैंड्स में एक्सपीरियंस टीचर्स 70,000 से 90,000 यूरो सालाना कमा सकते हैं. वहीं ऑस्ट्रेलिया में 10 से 12 साल के एक्सपीरियंस वाले टीचर्स AUD 90,000 (लगभग 65 लाख रुपये) तक कमा सकते हैं. दक्षिण कोरिया में टीचर्स की सालाना सैलरी KRW 70-90 मिलियन (53 लाख से 68 लाख रुपये) तक होती है.
भारत दुनिया के टॉप हाई-पेइंग देशों में शामिल नहीं है. आमतौर पर भारत को मिड या लो-सैलरी कैटेगरी में रखा जाता है. भारत में सरकारी शिक्षक की लगभग 3 लाख से 10 लाख सालाना सैलरी होती है और प्राइवेट स्कूल में कई जगह इससे भी कम सैलरी होती है.