Engineering after 10th: 10वीं के बाद इंजीनियर बनना है सपना? ऐसे करें CSE की तैयारी की शुरुआत
10वीं के बाद इंजीनियर बनने के दो मुख्य रास्ते होते हैं. पहला डिप्लोमा (पॉलिटेक्निक) और दूसरा 11वीं-12वीं करके B.Tech. दोनों ही रास्ते सही हैं, बस आपको अपने हिसाब से चुनना होता है.अगर जल्दी करियर शुरू करना है तो डिप्लोमा ठीक है, और अगर बड़ा कॉलेज और अच्छी प्लेसमेंट चाहिए तो 12वीं के बाद B.Tech बेहतर रहेगा.
अगर आप 10वीं के बाद ही टेक्निकल फील्ड में जाना चाहते हैं, तो पॉलिटेक्निक एक अच्छा ऑप्शन है. ये कोर्स 3 साल का होता है जिसमें आपको इंजीनियरिंग की बेसिक से लेकर एडवांस चीजें सिखाई जाती हैं.इसके बाद आप चाहें तो सीधे नौकरी कर सकते हैं या फिर B.Tech के दूसरे साल में एडमिशन लेकर आगे पढ़ाई कर सकते हैं.
दूसरा रास्ता थोड़ा लंबा है लेकिन काफी पॉपुलर है.इसमें आपको 11वीं-12वीं में Science (PCM) लेना होता है, फिर JEE जैसे एग्जाम देकर अच्छे कॉलेज में एडमिशन मिलता है.इसके बाद 4 साल की B.Tech डिग्री करनी होती है. इस रास्ते से बड़ी कंपनियों में नौकरी मिलने के चांस ज्यादा होते हैं.
अगर आपका सपना Computer Science Engineer बनने का है, तो अभी से थोड़ा-थोड़ा Coding शुरू कर दें. जैसे C, C++, Python या Java सीख सकते हैं. इसके साथ ही लॉजिक बनाना और प्रॉब्लम सॉल्व करना भी बहुत जरूरी है.जितना जल्दी शुरू करेंगे, उतना आगे रहेंगे.
डिप्लोमा के लिए आपको स्टेट लेवल एंट्रेंस एग्जाम देना पड़ता है और फीस भी ज्यादा नहीं होती.वहीं B.Tech के लिए JEE Main जैसे एग्जाम देने होते हैं और कॉलेज के हिसाब से फीस अलग-अलग होती है. सरकारी कॉलेज सस्ते होते हैं और प्राइवेट कॉलेज थोड़े महंगे.
शुरुआत में सैलरी थोड़ी कम हो सकती है, जैसे 20-30 हजार महीना. लेकिन जैसे-जैसे आपका अनुभव बढ़ता है, आपकी सैलरी भी बढ़ती जाती है.खासकर CSE में तो अच्छे स्किल्स के साथ लाखों तक की सैलरी मिल सकती है.