IN PICS: आखिर मुरलीधरन से क्यों खफा है श्रीलंकाई क्रिकेट बोर्ड!

श्रीलंका के महान स्पिनर मुथैया मुरलीधरन ने क्रिकेट खेल जगत में कई रिकॉर्ड तोड़े हैं. लेकिन हाल ही में उनके रवैये से नाखुश श्रीलंकाई क्रिकेट बोर्ड ने मुरलीधरन के खिलाफ ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट बोर्ड से उनकी शिकायत की है. आगे की स्लाइड्स में जानें क्या है पूरा मामला!
श्रीलंका के महान स्पिनर मुथैया मुरलीधरन ने क्रिकेट खेल जगत में कई रिकॉर्ड तोड़े हैं. लेकिन हाल ही में उनके रवैये से नाखुश श्रीलंकाई क्रिकेट बोर्ड ने मुरलीधरन के खिलाफ ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट बोर्ड से उनकी शिकायत की है. आगे की स्लाइड्स में जानें क्या है पूरा मामला!
मुरलीधरन ने अपने बयान में यह भी कहा कि श्रीलंकाई क्रिकेट बोर्ड ने कभी भी अपने खिलाड़ियों को कोई मौका नहीं दिया, और वह बाहर से 'गोरे' कोच लाना ज़्यादा बेहतर समझते हैं.
ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट बोर्ड ने इस बात पर हामी भरते हुए कहा कि उन्हें मुरलीधरन के खिलाफ शिकायत मिली है, लेकिन अब दोनों टीम ने आपसी बात चीत से मुद्दे को सुलझा लिया है.
मुरलीधरन श्रीलंका-ऑस्ट्रेलिया के बीच होने वाले टेस्ट मैच सीरीज़ में ऑस्ट्रेलिया के लिए बतौर गेस्ट कोच काम कर रहे हैं. श्रीलंका में अपने शानदार रिकॉर्ड के लिए 'हीरो' माने जाने वाले मुरलीधरन के हाल ही में मनमानी भरे रवैये से श्रीलंकाई क्रिकेट बोर्ड काफी खफा है.
हालांकि श्रीलंका क्रिकेट टीम ने दो साल पहले टी-20 ट्रॉफी जीती थी, लेकिन काफ़ी समय से टीम का प्रदर्शन सही नहीं है, शायद श्रीलंका क्रिकेट टीम मुरलीधरन और संगकारा जैसे दिग्गज खिलाड़ियों की कमी टीम में पूरी नही कर पा रही है.
सुमीतपाला ने मुरलीधन पर यह आरोप भी लगाया कि मुरलीधरन अपनी मनमानी करते हुए ज़बरदस्ती अपनी ऑस्ट्रेलियाई टीम के साथ पालेकेले स्टेडियम में घुस गए. हालांकि मुरलीधन ने इन आरोपों से इन्कार करते हुए कहा कि श्रीलंकाई क्रिकेट बोर्ड उन पर यह आरोप अपनी खामियों को छुपाने के लिए लगा रहा है और जितना उन्होनें श्रीलंका की टीम के लिए किया है, क्या कभी श्रीलंकाई क्रिकेट बोर्ड ने उनके लिए उसका 10 प्रतिशत भी किया है?
सोमवार को श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष तिलम्बा सुमीतपाला ने मुरलीधरन पर श्रीलंकाई टीम के मैनेजर चरिथ सेनानायके की बेज़्जती का आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें मुरलीधरन से इस तरह के बर्ताव की उमीद नहीं थी और जिस ऑस्ट्रेलियाई टीम ने उन्हें क्रिकेट से बाहर करने का प्रयास किया था आज वे उसी का पक्ष ले रहे है.