देश में सबसे लंबा कार्यकाल का रिकॉर्ड बनाने वाले सीएम बने पवन चामलिंग
नवीन पटनायक ने भी सभी मुख्यमंत्रियों की तरह ही एक शानदार राजनीतिक पारी खेली. इससे वो मील का पत्थर साबित हुए.
इन सभी के बाद ओड़िसा के सीएम नवीन पटनायक है जिनका कार्यकाल 18 साल का है. बीजू जनता दल (बीजेडी) के अध्यक्ष नवीन पटनायक ने लगातार चौथी बार ओडिशा के सीएम बने. खास बात ये है कि उन्हें ओड़िया बोलने नहीं आती हैं.
वो अपनी पार्टी यूडीएफ यानी यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट के नेता रहे और साथ ही सूबे के मुख्यमंत्री भी बने. उन्होंने साल 2003 में बीजेपी का रुख किया. कुछ दिनों के बाद ही वो वापस कांग्रेस में आ गए.
इनके बाद अरुणाचल प्रदेश के सीएम गेगांग अपान का स्थान हैं. वो 19 साल तक सीएम रहे. उनका यह कार्यकाल साल 1980 से लेकर 1990 तक का था. इसके बाद उन्होंने लोकसभा का प्रतिनिधित्व किया और साल 1990 से लेकर साल 2004 तक Tuting-Yingkiong संसदीय क्षेत्र से सांसद रहें.
उनके नेतृत्व में पार्टी ने लगातार चार चुनावों में शानदार जीत हासिल की.
इस कड़ी में तीसरे नंबर पर हैं त्रिपुरा के सीएम मणिक सरकार. वो 20 साल त्रिपुरा के सीएम रहे. 1978 में त्रिपुरा में पहली बार वामदलों की सरकार बनी और उस वक्त यानी 1980 में पहली बार माणिक सरकार विधायक चुने गए. त्रिपुरा में 1993 से लगातार माकपा की सरकार थी. हालांकि, माणिक सरकार को साल 1998 में राज्य का मुख्यमंत्री बनाया गया.
ज्योति बसु ने 21 जून, 1977 से लेकर पांच जून, 2000 तक पश्चिम बंगाल के सीएम रहे. लंबी बीमारी के बाद 17 जनवरी, 2010 को उनका निधन हुआ.
इनसे पहले, पश्चिम बंगाल के पूर्व सीएम ज्योति बसु के नाम यह रिकॉर्ड था जो 23 साल तक सीएम पद पर रहे. बसू मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के कद्दावर नेता थे.
पवन चामलिंग सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रंट के नेता हैं और वो इसके संस्थापक भी हैं. साल 1994 में वो सीएम बने और फिर कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा. जब वो सत्ता में आए थे तो उन्होंने 'न्यू सिक्किम, हैप्पी सिक्कम' का नारा दिया था. जिसके साथ ही उन्होंने राज्य की नीतियों और कार्यक्रमों की शुरुआत की थी.
सिक्किम के सीएम पवन चामलिंग सबसे लंबे समय तक सीएम रहने का नया रिकॉर्ड बना दिया है. उन्होंने लगातार 25 साल का लंबा कार्यकाल पूरा कर लिया है. चामलिंग ने पश्चिम बंगाल के पूर्व सीएम ज्योति बसु का रिकॉर्ड तोड़ा है. सीएम चामलिंग 68 साल के हैं.