✕
  • होम
  • इंडिया
  • विश्व
  • उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड
  • बिहार
  • दिल्ली NCR
  • महाराष्ट्र
  • राजस्थान
  • मध्य प्रदेश
  • हरियाणा
  • पंजाब
  • झारखंड
  • गुजरात
  • छत्तीसगढ़
  • हिमाचल प्रदेश
  • जम्मू और कश्मीर
  • बॉलीवुड
  • ओटीटी
  • टेलीविजन
  • तमिल सिनेमा
  • भोजपुरी सिनेमा
  • मूवी रिव्यू
  • रीजनल सिनेमा
  • क्रिकेट
  • आईपीएल
  • कबड्डी
  • हॉकी
  • WWE
  • ओलिंपिक
  • धर्म
  • राशिफल
  • अंक ज्योतिष
  • वास्तु शास्त्र
  • ग्रह गोचर
  • एस्ट्रो स्पेशल
  • बिजनेस
  • हेल्थ
  • रिलेशनशिप
  • ट्रैवल
  • फ़ूड
  • पैरेंटिंग
  • फैशन
  • होम टिप्स
  • GK
  • टेक
  • ट्रेंडिंग
  • शिक्षा

IN PICS: चुटकियों में होगी रिश्वत लेने वाले अधिकारियों की शिकायत !

एबीपी न्यूज़   |  13 Jul 2016 06:38 PM (IST)
1

CVC जिन शिकायतों को जांच के लायक समझता है. उस शिकायकर्ता को एक कंप्लेंट नंबर दिया जाता है. जिससे आप CVC की वेबसाइट पर जाकर कंप्लेंट का स्टेटस चेक कर सकते हैं.

2

आजकल आम आदमी सरकारी दफ्तरों में जानें से डरता है क्योंकि सरकारी दफ्तरों में रिश्वत की समस्या इतनी ज्यादा बढ़ गई है कि लोग अक्सर अपना काम दूसरे तरीके से कराने में ही ज्यादा विश्वास करने लगे हैं. आज हम आपको बताने जा रहें कि कैसे आप सरकारी दफ्तरों में रिश्वत मांगने वाले अधिकारियों की शिकायत कैसे कर सकते हैं और कौन सा ऐसा विभाग है जो रिश्वत संबंधी शिकायतों पर कार्रवाई करता है.

3

ऐसे किसी भी लेन-देन के मामले की जांच करना अथवा कराना, जिसमें केंद्र सरकार के अधिकारी के शामिल होने का शक हो, केंद्र सरकार के मंत्रालयों और विभागों की सतर्कता और भ्रष्टाचार से निपटने से जुड़े कामों की सामान्य जांच करना और निगरानी रखना, विजिलेंस से जुड़े मामलों में निष्पक्ष और स्वतंत्र सलाह देना.

4

CVC के तहत आने वाली शिकायतों की जांच CBI या चीफ विजिलेंस ऑफिसर करते हैं.

5

CVC के अंतर्गत केंद्र सरकार के सभी मंत्रालय, केंद्र सरकार के सभी PSU, सभी राष्ट्रीय बैंक, RBI, सरकारी बीमा कंपनियां और सभी केंद्र शासित प्रदेश आते हैं.

6

CVC को आप अपनी शिकायत पत्र के माध्यम से भेज सकते हैं. आप ऑनलाइन भी अपनी शिकायत WWW.CVC.nic.in दर्ज करा सकते हैं. Public Interest Disclosure and Informer Protection के तहत की गई शिकायत केवल डाक से ही भेजी जा सकती है.

7

CBI और ED के अलावा दिल्ली की स्पेशल सेल की चयन समितियों की अध्यक्षता करना.

8

जिस व्यक्ति पर करप्शन के आरोप हैं उसे सामने लाना और उस पर कार्रवाई करने के लिए सिफारिश करना.

9

CVC के जांच के दायरे के अंतर्गत केंद्रीय सरकारी मंत्रालय के विभाग के ग्रुप ए और उससे ऊपर के अधिकारी, अंडर सेक्रेटरी और इससे ऊपर के अधिकारी, पब्लिक सेक्टर के सभी बैंक, भारतीय रिजर्व बैंक ग्रेड डी और उसके ऊपर के रैंक के अधिकारी, बीमा कंपनियों के असिस्टेंट मैनेजर और उससे ऊंचे स्तर के अधिकारी और जीवन बीमा निगम के सीनियर डिविजनल मैनेजर और इससे ऊपर के अधिकारी आते हैं.

10

2003 में भारतीय संसद में 'सेंट्रल विजिलेंस कमिशन' बिल पास किया गया. इसके तहत सेंट्रल विजिलेंस कमिशन CVC कार्य कर रहा है.

  • हिंदी न्यूज़
  • फोटो गैलरी
  • न्यूज़
  • IN PICS: चुटकियों में होगी रिश्वत लेने वाले अधिकारियों की शिकायत !
About us | Advertisement| Privacy policy
© Copyright@2026.ABP Network Private Limited. All rights reserved.