CBSE RESULTS: टॉप 3 पर बेटियों ने किया कब्जा, 97% अंक के साथ दिव्यांगों में टॉपर बनीं मुदिता!

सीबीएसई इंटरमीडिएट का परिणाम घोषित होने के साथ ही एक बार फिर बेटियों ने अपनी योग्यता साबित कर दी. आपको बता दें कि सीबीएसई के परिणामों में पहले तीन स्थानों पर कब्ज़ा कर देश की होनहार बेटियों ने जता दिया की बेटियां किसी से कम नहीं होती.
सीबीएसई इंटरमीडिएट का परिणाम घोषित होने के साथ ही एक बार फिर बेटियों ने अपनी योग्यता साबित कर दी. आपको बता दें कि सीबीएसई के परिणामों में पहले तीन स्थानों पर कब्ज़ा कर देश की होनहार बेटियों ने जता दिया की बेटियां किसी से कम नहीं होती.
चेन्नई के रहने वाले अजिश शेखर वैसे तो तीसरे नंबर पर हैं पर लड़कों में उनका पहला स्थान है. अजिश को सीबीएसई की बारहवीं की परीक्षा में 99 प्रतिशत अंक मिले हैं. अजिश के माता पिता बेटे की कामयाबी पर काफी खुश हैं. उसके दोस्तों के मुताबिक अजिश शुरू से ही पढ़ाई में अच्छा था औऱ काफी मेहनत से पढ़ाई करता था.
तो वहीं गुड़गांव की रहने वाली सिमरन को बायोलॉजी में 100 में से 100 नंबर मिले हैं. सिमरन डीपीएस गुड़गांव की छात्रा है. रिजल्ट आऩे के बाद से बधाईयों का सिलसिला जारी है. स्कूल भी उसकी कामयाबी से बेहद खुश है. सिमरन का कहना है कि वो बयां नहीं कर सकती कि वो कितनी खुश है
नोएडा के रक्षित मलिक ने भी ये साबित कर दिया कि अगर इरादे पक्के हों तो कोई भी मंजिल मुश्किल नहीं है. नोएडा के एमिटी इंटरनेशलन स्कूल में पढ़ने वाले रक्षित ठीक से देख नहीं सकते. लेकिन अपनी लगन और मेहनत से रक्षित ने सीबीएसई में दिव्यांग श्रेणी के छात्रों में तीसरा स्थान हासिल किया है. रक्षित ने 97.4 % अंक हासिल किए हैं. स्कूल की प्रिंसिपल का कहना है कि उन्हें पहले से ही उम्मीद थी कि रक्षित टॉप करेगा. रक्षित का कहना है कि न ही उसने एक्सट्रा क्लासेस किए और न कोई कोचिंग. अब रक्षित की कामयाबी पर हर कोई उन्हें बधाई दे रहा है.
मुदिता के माता पिता की खुशी का ठिकाना नही है. 12 की परीक्षा में उनकी बेटी ने वो कामयाबी हासिल की है जिसकी उन्हें उम्मीद भी नहीं थी. एक बीमारी के कारण मुदिता चल फिर नहीं सकती लेकिन मुदिता ने इस कमजोरी को ही अपनी ताकत बनाया और सीबीएसई में दिव्यांग श्रेणी के छात्रों में टॉपर बनीं. मुदिता फरीदाबाद के डीएवी स्कूल की छात्रा हैं. सीबीएसई में उन्होने 97 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं औऱ अब वो सायकॉलजी में अपना करियर बनाना चाहती हैं. मां चाहती हैं कि बेटी आगे सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी करे लेकिन वो मुदिता पर किसी भी तरह का दबाव बनाने के पक्ष में नहीं हैं.
सीबीएसई परीक्षा में दूसरा स्थान पाने वाली भी एक लड़की है. हरियाणा के कुरुक्षेत्र के एक साधारण परिवार की पलक गोयल ने 99.2 प्रतिशत अंकों के साथ पूरे भारत में दूसरी रैंक हासिल की है. पलक को इस बात का अफसोस है कि वो सिर्फ 1 नंबर की वजह से टॉपर नहीं बन पाईं. पलक टैगोर पब्लिक स्कूल की छात्रा हैं. घरवालों के मुताबिक वो शुरू से ही मेहनती रही हैं और यही उसकी कामयाबी की बड़ी वजह है. पलक की कामयाबी पर उसके दोस्त और आस पड़ोस के लोग भी बेहद खुश हैं.
दिल्ली की रहने वाली सुकृति गुप्ता 12 वीं ने नतीजों में इस साल की सीबीएसई टॉपर हैं. सुकृति दिल्ली के अशोक विहार के मॉन्टफोर्ट स्कूल की छात्रा हैं. उन्होने 99.4 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं. सुकृति की इस कामयाबी में घर के माहौल की बड़ी भूमिका है. उनकी मां खुद अपने समय की टॉपर रह चुकी हैं. माता पिता दोनो इनकम टैक्स कमिश्नर हैं लेकिन सुकृति इंजीनियर बनना चाहती हैं. सुकृति के माता पिता का कहना है कि वो अपनी बेटी पर किसी भी तरह का दबाव नहीं बनाना चाहते. ऑल इंडिया टॉपर बनने के बाद से हर कोई सुकृति से पूछा रहा है कि उनका रोल मॉडल कौन है, इस पर सुकृति का ये जवाब है.
सौम्या उप्पल के घर में बधाई देने वालों का तांता लग गया है. मिठाई बांटकर उसकी कामयाबी का जश्न मनाया जा रहा है. 495 अंकों के साथ सौम्या ने सीबीएसई की 12वीं की परीक्षा में तीसरा स्थान हासिल किया है. सौम्या आगे इकनॉमिक्स की पढ़ाई करना चाहती हैं. माता पिता का कहना है कि बेटी ने उनका सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है.