सेक्स से भी हो सकती हैं ये बीमारियां, रिसर्च में हुआ खुलासा
लिम्फोग्रानुलोमा वेनेरेम (LGV) एक ऐसा बैक्टीरिया है जो क्लैमाइडिया ट्रैकोमैटिस बैक्टीरिया के 3 अलग-अलग प्रकारों के कारण होता है. आमतौर पर ये बैक्टीरिया सेक्स के जरिए फैलता हैं. इस इंफेक्शन के कारण जननांगों में अल्सर की समस्या और दाने हो सकते हैं. ये बैक्टीरिया एलजीबीटी लोगों में अधिक फैल रहा है.
'शिगेला फ्लेक्सनेरी' (Shigella flexneri) जीनस शिगेला में ग्राम नेगेटिव बैक्टीरिया की एक प्रजाति है जो मनुष्यों में दस्त का कारण बन सकती है. शिगेला के कई अलग-अलग ग्रुप है. ये बैक्टीरिया इंसानों में मल के जरिए फैलता है लेकिन ये ओरल और अप्राकृतिक सेक्स के जरिए अधिक फैलता है. दुनियाभर में ये इंफेक्शन काफी तेजी ये फैल रहा है.
'मेनिंगोकोकल इन्फेक्शन' निसेरिया मेनिजाइटिडिस (Neisseria meningitidis) बैक्टीरिया की वजह से होता है. तेजी से फैलने वाला मेनिंगोकोकल रोग जानलेवा हो सकता है. ये इंफेक्शइन यूरोजेनिटल इंफेक्शन के कारण ज्यादा जाना जाता है. आमतौर पर ये इन्फेक्शन पीड़ित व्यक्ति के बात करने, खांसने या छींकने से हवा के जरिए दूसरे व्यक्ति में फैलता है. लेकिन एक रिसर्च बताती है कि ये इंफेक्शन नाक और गले से होता हुआ जननांगों तक पहुंच जाता है और इससे यूथरल इंफेक्शन होता है. रिसर्च ये भी बताती है कि ये इंफेक्शन ओरल सेक्स और सेक्स के जरिए भी दूसरे व्यक्ति में पहुंचता है.
आजकल कई गंभर बीमारियां ऐसी सामने आ रही हैं जिन पर यकीन करना भी बहुत मुश्किल होता है. आपने सेक्सुअली ट्रांसमिटिड डिजीज़ से तो कई बीमारियां होने के बारे में सुना होगा लेकिन क्या आपने सेक्स से होने वाली बीमारियों के बारे में सुना है? आज हम आपको इन बीमारियों के बारे में बताने जा रहे हैं. सभी फोटोः गेटी इमेज
माइकोप्लाज्मा जेनिटेलियम (Mycoplasma genitalium) बैक्टीरिया को 1980 में पहचाना गया था. ये बैक्टीरिया होने पर मरीज के यूरिनरी और जननांगों की त्वचा को प्रभावित करता है. ये बहुत तेजी से फैलता है. इसे सेक्सुअल ट्रांसमीटिड डिजीज़ के रूप में भी जाना जाता है. इस बैक्टीरिया की वजह से महिलाओं के पेल्विक में सूजन आ जाती है. इस इंफेक्शन के होने के बाद इंफर्टिलिटी, मिसकैरिज, और प्रीमैच्योर बेबी यहां तक की भ्रूण की मौत तक हो सकती है. इस इंफेक्शन से बचने के लिए कंडोम सबसे बेहतर उपाय है.
ये रिसर्च के दावे पर हैं. ABP न्यूज़ इसकी पुष्टि नहीं करता. आप किसी भी सुझाव पर अमल या इलाज शुरू करने से पहले अपने एक्सपर्ट की सलाह जरूर ले लें.