गाड़ी का इंश्योरेंस खरीदने से पहले जान लें ये जरूरी नियम! बाद में क्लेम हो सकता है खारिज
आजकल हर व्यक्ति कार या कोई भी गाड़ी खरीदने के बाद सबसे पहले उसका इंश्योरेंस करवाता है. गाड़ी खरीदने के बाद उसका इंश्योरेंस करना बहुत जरूरी है क्योंकि किसी तरह की दुर्घटना होने की स्थिति में यह आपके नुकसान की भरपाई करता है.
इसके साथ ही गाड़ी चोरी होने की हालत में भी यह आपको नुकसान भरपाई करके देता है. लेकिन, बहुत से ग्राहक यह शिकायत करते हैं कि गाड़ी खरीदने के साथ ही इंश्योरेंस पॉलिसी लेने के बाद उन्हें गाड़ी चोरी होने या किसी तरह का दुर्घटना होने की स्थिति में क्लेम नहीं मिला है.
गाड़ी का इंश्योरेंस क्लेम रिजेक्ट होने के पीछे कई कारण होते हैं. तो चलिए हम आपको उन गलतियों के बारे में बताते बाले हैं जिस कारण गाड़ी का क्लेम रिजेक्ट हो सकता है.
अगर आप अपनी कार का कमर्शियल इस्तेमाल इस्तेमाल कर रहे हैं तो ऐसी स्थिति में किसी तरह का नुकसान होने पर आपको क्लेम नहीं मिलेगा. अगर आप कार का कमर्शियल इस्तेमाल करते हैं तो इसके लिए आपको अलग इंश्योरेंस खरीदना होगा. वरना बाद में आपका क्लेम खारिज हो जाएगा.
कई बार लोग कार खरीदने के बाद उसे मॉडिफाई करवा लेते हैं. अगर आप ऐसा करते हैं तो नए लगाए गए पार्ट्स की जानकारी पॉलिसी रिन्यू करते वक्त जरूर दें. ऐसा न करने पर बाद में कंपनी क्लेम नहीं देती है.
कई बार लोग पैसे प्राप्त करने के लिए फर्जी क्लेम कर देते हैं. ऐसा करने से बिल्कुल बचें. ऐसा करने पर कंपनी आपके क्लेम को रिजेक्ट कर सकती है और गलत जानकारी देने के जुर्म में आप पर कार्रवाई भी कर सकती है.
गाड़ी का इंश्योरेंस पॉलिसी खरीदने के बाद इसके प्रीमियम का रेगुलर भुगतान करते रहें. ज्यादातर इंश्योरेंस कंपनियां ग्राहकों को 90 दिन का ग्रेस टाइम देती है. इस टाइम पर पैसे जमा कर दें. वरना बाद में आपको किसी हादसा होने की स्थिति में क्लेम नहीं मिलेगा.
बिना ड्राइविंग लाइसेंस के गाड़ी चलाना कानूनन अपराध है. बिना ड्राइविंग लाइसेंस के गाड़ी चलाते पकड़े जाने या किसी तरह की दुर्घटना होने की स्थिति में आपको किसी तरह का क्लेम नहीं मिलेगा.