क्या ये है PPF की खामी? पढ़ें प्री मैच्योर विड्रॉल के लिए जरूरी शर्तें
पब्लिक प्रॉविडेंट फंड (PPF) एक अच्छी सेविंग स्कीम है. इसका इस्तेमाल लंबे समय के लिए ज्यादा पैसे जमा करने के लिए किया जा सकता है. जैसे दूसरे इंवेस्ट स्कीम में नुकसान हो सकते हैं वैसे ही पीपीएफ में भी नुकसान हो सकता है. इंवेस्टर को निवेश करने से पहले ये पता होना चाहिए.
ईपीएफ (EPF) से कम ब्याज दर: हर महीने सैलरी पाने वाले कर्मचारियों को पीपीएफ के ब्याज दर में नुकसान है. अभी पीपीएफ ब्याज दर 7.1 फीसदी है, जो फाइनेंशियल ईयर 2022-23 के लिए ईपीएफ ब्याज दर 8.15 फीसदी कम है. सैलिरी पाने वाले कर्मचारी टैक्स सेविंग के लिए पीपीएफ का उपयोग करते हैं. ऐसे लोग पीपीएफ में निवेश करने के बजाय वीपीएफ के माध्यम से प्रॉविडेंट फंड में निवेश कर टैक्स सेविंग और बेहतर ब्याज प्राप्त कर सकते हैं.
पीपीएफ अकाउंट 15 साल में मैच्योर होता है. यह उन लोगों के लिए अच्छा है जो लंबे समय के लिए इंवेस्ट करना चाहते हैं. किसी भी तरह के शॉर्ट टर्म निवेश के लिए दूसरे ऑप्शन देखने होंगे.
पीपीएफ अकाउंट में अधिकतम 1.5 लाख रुपये जमा कर सकते हैं. सरकार ने पिछले कई वर्षों से इस लिमिट को नहीं बढ़ाया है. सैलरी पाने वाले कर्मचारी जो ज्यादा इंवेस्ट करने चाहते हैं उनके लिए वीपीएफ एक बेहतर ऑप्शन है, जहां 2.5 लाख रुपये तक बिना किसी टैक्स के अलॉट किया जा सकता है.
प्री मैच्योर विड्रॉल के लिए कई सख्त शर्तें हैं. एक फाइनेंसियल ईयर में केवल एक बार ही विडॉल किया जा सकता है. वो भी विड्रॉल अकाउंट खोलने के वर्ष को छोड़कर पांच साल के बाद ऐसा कर सकते हैं. इस तरह यदि फाइनेंस ईयर 2023-24 में पीपीएफ अकाउंट खोलते हैं, तो फाइनेंस ईयर 2029-30 के दौरान ही विड्ऱॉल कर सकते हैं.
पीपीएफ अकाउंट में समय से पहले इंवेस्ट करना बंद नहीं कर सकते. पीपीएफ के नियमों के अनुसार प्री मैच्योर विड्रॉल अकाउंट खोलने के वर्ष से पांच साल के बाद ही कर सकते हैं.
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