PPF Account Interest: पब्लिक प्रोविडेंट फंड पर सरकार जल्द बढ़ा सकती है ब्याज दरें, जानिए क्या है वजह
सरकारी प्रतिभूतियों पर मौजूदा ब्याज दर 7.3 फीसदी है, जो पीपीएफ से ज्यादा है. जनवरी, 2022 में प्रतिभूतियों पर ब्याज दर 6.5 फीसदी और जून में 7.6 फीसदी थी.
छोटी बचत योजनाओं पर सितंबर तक 9 तिमाहियों से लगातार ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं हुआ है. इस महीने होने वाली बैठक में इनकी ब्याज दरें बढ़ना लगभग तय है.
सरकारी प्रतिभूति और PPF की ब्याज दरों के बीच सीधा संबंध है. पीपीएफ पर प्रतिभूतियों की औसत ब्याज दर से 1 फीसदी तक ज्यादा ब्याज देने का प्रावधान है. सरकार हर तिमाही होने वाली बैठक में करती है. सरकारी प्रतिभूतियों का मार्केट यील्ड जितना ज्यादा होगा, PPF जैसी छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरें भी उसी अनुपात में बढ़ाई जाएंगी.
पीपीएफ के साथ ही निवेशकों को अन्य छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों में बढ़ोतरी का तोहफा मिल सकता है. इसमें नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट, किसान विकास पत्र (KVP), सावधि जमा, पीपीएफ, वरिष्ठ नागरिक बचत योजना और सुकन्या समृद्धि योजना पर भी ब्याज दरें बढ़ाई जा सकती हैं. इस महीने के आखिर में होने वाली बैठक में इस पर फैसला हो सकता है.
पीपीएफ के मामले में ब्याज दर औसत यील्ड से 25 आधार अंक ज्यादा हो सकती है. अगर किसी तिमाही में सरकारी प्रतिभूतियों का औसत यील्ड 6.75 फीसदी था, तो उसकी अगली तिमाही के लिए पीपीएफ की ब्याज दर 25 आधार अंक ज्यादा यानी 7 फीसदी होनी चाहिए.
प्रतिभूतियों की यील्ड और पीपीएफ ब्याज दरों में सीधा संबंध होने के बावजूद सरकार ने यील्ड घटने पर भी ब्याज दरों में कटौती नहीं की. महामारी के दौरान ऐसा कई बार हुआ जब सरकारी प्रतिभूतियों की यील्ड में गिरावट आई है, लेकिन सरकार ने पीपीएफ, एनएससी सहित अन्य छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों में कोई कटौती नहीं की.