G20 Meeting: हैदराबाद में वित्तीय समावेशन पर G-20 बैठक का रहा फोकस, सभी देशों ने रखे विचार
इंडिया एंड द ग्लोबल साउथ ''ए विजन फॉर ए शेयर्ड फ्यूचर'' - इस नाम से इवेंट के उद्घाटन सत्र की शुरुआत हुई है. वैश्विक आर्थिक विकास को सुविधाजनक बनाने में G20 और GPFI की भूमिका पर प्रकाश डाला गया है.
हैदराबाद में GPFI इवेंट का पहला दिन खत्म हो गया है. डिजिटल पेमेंट इन्फ्रास्ट्रक्चर (DPI) का लाभ उठाने और ग्लोबल फाइनेंशियल इन्क्लूजन को बढ़ाने के लिए डिजिटल मुद्दों पर चर्चा की गई है.
G20 इंडिया प्रेसीडेंसी के तहत ग्लोबल पार्टनरशिप फॉर फाइनेंशियल इनक्लूजन (GPFI) की दूसरी बैठक 6 और 7 मार्च 2023 को हैदराबाद में फिर होगी.
मार्च, 2023 को G20 और गैर-G20 दोनों देशों के लिए 'भुगतान में नए डिजिटल विचार' पर एक GPFI संगोष्ठी का आयोजन हुआ है. G20 फाइनेंस ट्रैक का GPFI वर्किंग ग्रुप सभी G20 देशों, इच्छुक गैर-G20 देशों और संबंधित हितधारकों के लिए दुनिया भर में वित्तीय समावेशन में सुधार के लिए एक व्यापक मंच तैयार किया गया है.
जीपीएफआई (GPFI) की बैठक में डिजिटल वित्तीय समावेश, एसएमई (SME) वित्त, और वित्तीय समावेशन कार्य योजना 2023 के विकास सहित अन्य वर्ष के लिए महत्वपूर्ण डिलिवरेबल्स पर चर्चा हुई है. यह कार्य योजना अगले साल 2024 के लिए वित्तीय समावेश कार्य को दिशा देगी.
इस कार्यक्रम में बांग्लादेश, भूटान, मिस्र, इथियोपिया, घाना, जॉर्डन, मलावी, मालदीव, नेपाल, ओमान, फिलीपींस, पोलैंड, सेनेगल, सहित विभिन्न देशों के वित्त मंत्रालय और केंद्रीय बैंक के प्रतिनिधियों की भागीदारी देखने मिली. सिएरा लियोन, श्रीलंका, थाईलैंड, वियतनाम, और एशियाई विकास बैंक, अफ्रीकी संघ आयोग, अफ्रीकी महाद्वीपीय मुक्त व्यापार क्षेत्र, अरब मुद्रा कोष, पूर्वी कैरेबियन सेंट्रल बैंक, गेट्स फाउंडेशन, जैसे संगठनों ने भाग लिया है.
वित्त मंत्रालय, भारतीय रिजर्व बैंक, भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम और भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण सहित भारत के विशेषज्ञ डीपीआई का लाभ उठाकर वित्तीय समावेशन के परिदृश्य को बदलने पर अपने अनुभव भी साझा किये है. इस कार्यक्रम से जो देश G20 के सदस्य नहीं है, उनके वित्तीय समावेश को आगे बढ़ाने पर चर्चा की गई है. यह 2024-26 के लिए वित्तीय समावेशन कार्य योजना (FIAP )विकसित करने की दिशा में काम करता है. (सभी तस्वीरें: Twitter/G20 से ली गई है)