CIBIL Score: जानें कैसे हेल्दी रखें अपना सिबिल स्कोर, कर्ज मिलने से लेकर बीमा मिलने तक में देखती हैं कंपनियां
अक्सर आपने सिबिल स्कोर कैसा है, ये बात सुनी होगी लेकिन क्या आप जानते हैं कि आखिर सिबिल स्कोर क्या है और ये कर्ज दिलाने से लेकर बीमा लेने के दौरान भी कैसे काम आता है. अगर नहीं जानते तो यहां पर इससे जुड़ी सारी जानकारी आपको दी जा रही है.
सिबिल स्कोर 0 से 900 के बीच होता है और इसके अलग अलग पड़ाव पर अच्छे या खराब होने के मानक तय किए गए हैं. सिबिल स्कोर रिपोर्ट में आपकी कुछ पर्सनल फाइनेंशियल जानकारी, जॉब रिलेटेड डिटेल्स, बैंक अकाउंट्स और पुराने लोन की जानकारी होती है. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि आजकल इंश्योरेंस कंपनियां भी बीमा देने से पहले यह स्कोर चेक कर सकती हैं.
जैसा कि हमने आपको बताया कि सिबिल स्कोर 0 से 900 के बीच होता है तो इसके अलग अलग पड़ाव भी जान लीजिए. 550 का सिबिल बहुत बुरा, 550-650 बुरा, 650-750 औसत, 750 से ज्यादा अच्छा, 750-900 सबसे अच्छा सिबिल स्कोर कहलाता है. वहीं कमर्शियल संस्थानों के लिए सिबिल स्कोर एक से 10 के बीच होता है जिसमें एक को सबसे अच्छा वहीं 10 का स्कोर सबसे खराब माना जाता है.
अगर आप सोचते हैं कि मैंने तो कभी लोन या क्रेडिट कार्ड कभी लिया नहीं तो मेरा सिबिल अच्छा ही होगा तो ऐसा नहीं है. अगर आजतक आपने कोई लोन नहीं लिया है या आपने कोई क्रेडिट कार्ड आदि नहीं लिया है तो आपका सिबिल स्कोर जीरो से भी नीचे जा सकता है. आप अगर टाइम पर रेगुलर तरीके से लोन या क्रेडिट कार्ड का पेमेंट करेंगे तो ही आपका सिबिल स्कोर 750 या उससे ज्यादा के लेवल पर रहेगा और आपको लोन मिल सकता है.
अच्छे सिबिल स्कोर के लिए टाइम पर कर्ज चुकाएं और इसकी ईएमआई न छूटे इसका पक्का मैनेजमेंट करेंगे तो ही आगे की जरूरतों के लिए लोन ले सकेंगे. अपनी कमाई का 30 फीसदी से ज्यादा कर्ज न लें, ये भी सिबिल स्कोर अच्छा रखने के लिए जरूरी है.