अंबानी से अडानी तक, पिता और पुत्र की जोड़ी ने बना डाला अरबों डॉलर का साम्राज्य
कई चुनौतियों का सामना करके बेशुमार दौलत हासिल की और अपनी कंपनी को नई उच्चाईंयों पर पहुंचाया है. सबसे पहला नाम जमशेदजी टाटा का नाम आता है.
जमशेद टाटा को भारतीय उद्योग का जनक कहा जाता है. इन्होंने आयरन एंड स्टील कंपनी की स्थापना की थी. बाद में यह टाटा ग्रुप बन गया और आज दुनिया के बड़ी कंपनियों में से एक है, जिसे यहां तक पहुंचाने में रतन और दोराब टाटा ने बड़ी भूमिका निभाई.
अंबानी फैमिली: अंबानी फैमिली से हर कोई वाकिफ है. रिलायंस कमर्शियल कॉर्पोरेशन की स्थापना धीरूभाई अंबानी ने की थी. धीरे-धीरे यह भारत की बड़ी कंपनी बन गई. उनकी विरासत को दोनों बेटों मुकेश और अनिल अंबानी ने आगे बढ़ाया सबसे बड़े बेटे के रूप में, मुकेश को एक उत्कृष्ट विरासत मिली है और वह इसे बनाए रखने की पूरी कोशिश कर रहे हैं.
अब यही काम अंबानी परिवार की अगली पीढ़ी आकाश और अनन्त अंबानी कर रहे हैं. मुकेश अंबानी 94.7 बिलियन डॉलर की कुल संपत्ति के साथ भारत के सबसे अमीर आदमी हैं.
गौतम और जीत अडानी: पिता पुत्र की ये जोड़ी भारत के उद्योग में एक अहम योगदान दे रही है. गौतम अडानी 32 बिलियन डॉलर की कंपनी के मालिक हैं. ये पोर्ट, एयरपोर्ट्स, बिजली उत्पादन और ट्रांसमिशन, ग्रीन एनर्जी और सीमेंट जैसे बिजनेस में एक्टिव हैं.
श्याम सुंदर और मनीष अग्रवाल: लाला केदारनाथ अग्रवाल रोजगार की तलाश में 1947 में बीकानेर से दिल्ली आ गए और चांदनी चौक की सड़कों पर पारंपरिक मिठाइयां और नमकीन बेचने लगे. इसके बाद ये बिकानेर नमकीन और मिठाई भंडार के नाम से दुकान खोली. बाद में यह बिकानो नाम की कंपनी बनी. उनके बेटे मनीष अग्रवाल ने इसे लंबे समय तक आगे बढ़ाया. यह अब 35 देशों में अपने बिजनेस को पहुंचा चुका है.