त्रिपुरा के CM ने कहा- महाभारत के ज़माने में था Wifi, 7000 साल पहले भारत में प्लेन और यज्ञ से बारिश होने के भी हो चुके हैं दावे
बता दें त्रिपुरा के सीएम पहले व्यक्ति नहीं हैं जिन्होंने इस तरह का बयान दिया है. इससे पहले केंद्रीय मंत्री सत्यपाल सिंह डार्विन के सिद्धांत को गलत बताया था. उन्होंने कहा था, '''डार्विन का सिद्धांत वैज्ञानिक रूप से गलत है. स्कूल और कॉलेज के स्लेबस में इसे बदले जाने की जरूरत है. इंसान जब से पृथ्वी पर देखा गया है तब से इंसान ही रहा है.'' आगे पढ़ें, बीजेपी नेताओं के वो बयान जिसे सुनकर वैज्ञानिक सोच रखने वालों के होश उड़ जाएं.
इस सरकार के कार्यकाल में 2015 में हुए साइंस कांग्रेस में दावा किया गया था कि भारत ने 7000 साल पहले प्लेन का अविष्कार कर लिया था. इस दावे के पीछे वेदों का हवाला दिया गया था. साथ ही कहा गया था कि ये प्लेन ऐसे थे कि किसी भी दिशा में जा सकते थे और जितनी चाहें उतनी दूरी तय कर सकते थे.
निशंक ने ही एक और बयान में कहा था कि हम आज न्यूक्लियर टेस्ट की बात करते हैं. लाखों सालों पहले ऋषि कनज ने न्यूक्लियर टेस्ट किया था. हमारे ज्ञान और विज्ञान में कभी किसी तरह की कोई कमी नहीं रही.
उत्तराखंड के पूर्व सीएम रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा था कि ज्योतिष सबसे बड़ा विज्ञान है, ये विज्ञान से भी ऊपर है और हमें इसे प्रमोट करना चाहिए.
राजस्थान के शिक्षा मंत्री वासुदेव देवनानी ने अपने एक बयान में कहा था कि गाय एकमात्र जानवर है जो ऑक्सीजन लेती है और ऑक्सीजन ही छोड़ती है. उन्होंने ये भी कहा था कि गोमूत्र से कैंसर ठीक होता है.
गुजरात के पूर्व सीएम विजय रूपाणी ने सीता को लाने के लिए लंका तक पहुंचने के लिए पुल के निर्माण का हवाला देते हुए IITRM के छात्रों से कहा था कि उन्हें भगवान राम से इंजीनियरिंग की सीख लेनी चाहिए. उन्होंने कहा था कि कल्पान करें कि राम ने कैसे ये पुल बनाया होगा. उन्होंने आगे कहा कि इसे बनाने में गिलहरियों ने भी उनकी मदद की थी.
साल 2016 में जब देश के कई हिस्से सूखे से जूझ रहे थे तब बीजेपी के सांसद वीरेंद्र सिंह का कहना था कि बारिश के लिए यज्ञ कराए जाने चाहिए. उनका कहना था कि गाय के घी के जलने से ऑक्सीजन उतपन्न होता है और फसले कटने के बाद जलने वाले भूसे से कार्बन डाइऑक्साइड उतपन्न होता है. दोनों के मिलने से बारिश होती है.
कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह ने अपने एक बयान में कहा था कि योगिक फॉर्मिंग का उद्देश्य बीजों में सकारात्मक सोच से ताकत भरना है. उन्होंने कहा था कि बीजों की ताकत को 'परमात्मा किरणों की शक्ति' से बढ़ाया जाना चाहिए.
नागपुर में एक इवेंट के दौरान गडकरी ने कहा था कि वो अपने यहां के पेड़-पौधों को अपने ही मूत्र से सींचते हैं. उन्होंने कहा था, मैंने 50 लीटर के केन में अपना मूत्र इक्ट्ठा किया. मैंने अपने गार्डनर को बुलाया और मूत्र से बागीचे में लगे पेड़-पौधों को पानी देने के लिए कहा. जहां इसका इस्तेमाल हुआ वहां पेड़-पौधे डेढ़ गुना ज़्यादा रफ्तार से बढ़ने लगे.
हाल ही में दिग्गज वैज्ञानिक स्टीफन हॉकिंग की मृत्यु हो गई. इसी के बाद अपने एक बयान में साइंस टेक्नॉलजी मंत्री हर्षवर्धन ने कहा, ब्रह्मांड विज्ञानी हॉकिंग ने कहा है कि वेदों में रिलेटिविटी की जो थ्योरी है वो आइंस्टीन के e=mc^2 से बेहतर है.
मुख्यमंत्री ने कहा, ''मुझे गर्व है कि मैं ऐसे देश में पैदा हुआ जहां टेक्नोलॉजी इतनी एडवांस है. जो देश खुद को टेक्नोलॉजी में एडवांस बताते हैं वो भारतीयों को अपने सॉफ्टवेयर अपग्रेड करने के लिए नौकरी दे रहे हैं. मुख्यमंत्री अगरतला में मणिपुर, मिजोरम और मेघालय से आए प्रतिनिधियों को संबोधित कर रहे थे.
बिप्लव देव ने कहा, ''यह वो देश है जिसमें महाभारत में संजय ने धृतराष्ट्र को युद्ध में क्या हो रहा था सब बताया. इसका मतलब है कि उस समय इंटरनेट था, सैटेलाइट थी, टेक्नॉलिजी थी. उस जमाने में इस देश में वो तकनीक थी.''
त्रिपुरा के सीएम बिप्लब देव ने बेहद चौंकाने वाला बयान दिया है. उन्होंने कहा कि भारत में महाभारत काल के समय से ही इंटरनेट का इस्तेमाल हो रहा है. उन्होंने कहा कि अमेरिका या किसी अन्य पश्चिमी देश ने नहीं बल्कि भारत ने लाखों सालों पहले इंटरनेट की खोज की थी. बिप्लव देव ने यह बात पीडीएस (पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम) की एक वर्कशॉप के दौरान कही.