बर्थ-डे स्पेशल: मलाला यूसुफजई का स्कूली लड़की से नोबल पुरस्कार विजेता बनने तक का सफर जानिए
साल 2012 में उन्होंने सभी लड़कियों की ओर से सार्वजनिक तौर पर पढ़ने के अधिकारों की बात रखी जिसके लिए तालिबान की ओर से उन्हें टार्गेट कर गोली मार दी गई. यह हादसा तब हुआ जब वो स्कूल से अकेले बाहर निकल रही थीं उस वक्त एक नकाबपोश आया और उसने उनके सिर पर गोली मार दी. फिर इस हमले को लेकर तालिबान ने जिम्मेदीरी ली थी और कहा था कि मलाला ने उदारवाद को बढ़ावा दिया था इसलिए उनके साथ ऐसा हुआ. (तस्वीर: इंस्टाग्राम)
बता दें कि इन दिेनों मलाला ब्राजील में है और वहां रह रहे आदिवासी समुदाय से मिल रही हैं. (तस्वीर: इंस्टाग्राम)
उनकी लिखी हुई बुक 'आइ एम मलाला' आई और वो साल 2013 की बेस्टसेलर बुक बनी. (तस्वीर: एपी)
12 जुलाई, 2013 को मलाला ने संयुक्त राष्ट्र में शिक्षा को लेकर 'जेंडर इक्वेलिटी' के विषय पर अपना व्याख्यान दिया. जिसके लिए वहां बैठे लोगों ने कई बार खड़े होकर तालियां भी बजाई. जिस दिन यह प्रोग्राम था उसी दिन मलाला का 16वां बर्थ-डे था तो फिर संयुक्त राष्ट्र ने इस खास अवसर पर यूथ एक्टिविस्टों के सम्मान में मलाला-डे घोषित कर दिया. (तस्वीर: मलाला.ओआरजी)
मलाला और उनके पिता जियाउद्दीन ने साल 2013 में मलाला फंड की शुरुआत की जिससे 12 साल तक की लड़कियों को उनके अधिकार, मुफ्त शिक्षा मिल सके. (तस्वीर: मलाला.ओआरजी)
इस हमले के बावजूद फिर से एक बार मलाला ने पब्लिकली जेंडर राईट्स के लिए आवाज़ मुखर की. (तस्वीर: एपी)
मलाला के पिता एक टीचर थे और वो गांव में लड़कियों का एक स्कूल चलाते थे लेकिन कुछ दिनों बाद ही तालिबान ने इस पर कब्जा कर लिया और फिर इसके साथ ही टीवी और म्यूजिक पर बैन लगा दिया. इस घटना के बाद वहां रह रही लड़कियों ने स्कूल जाना बंद कर दिया और मलाला ने भी 11 साल की उम्र में स्कूल छोड़ दिया. (तस्वीर: मलाला.ओआरजी)
इस हमले के बाद मलाला को इंग्लैंड ले जाया गया जहां उन्हें 10 दिन बाद होश आया. डॉक्टर्स ने बताया कि उनकी रिकवरी के लिए दुनिया भर में दुआएं मांगी गई. कई महीनों तक चली सर्जरी और पुनर्वास के बाद मलाला इंग्लैंड में रहने लगी. (तस्वीर: इंस्टाग्राम)
मलाला अभी ऑक्सफोर्ड यूनिर्वसिटी में राजनीतिक, आर्थिक और फिलिसोफी की पढ़ाई कर रही हैं. बता दें कि मलाला के ऊपर बनी डॉक्यूमेंट्री 'ही नेम्ड मी मलाला' ऑस्कर 2015 के लिए शॉर्टलिस्ट भी हुई थी. वहीं इस तस्वीर में मलाला क्लासमेट के साथ दिख रही हैं. (तस्वीर: इंस्टाग्राम)
मलाला यूसुफजई का आज 21 वां जन्मदिन है. मलाला को शांति का नोबल पुरुस्कार मिला हुआ है. इस मौके पर हम आपको उनके बारे में कई खास बातें बता रहे हैं. मलाला ऐसी पहली युवा लड़की हैं जिन्होंने कनाडा के हाउस ऑफ कॉमन्स को संबोधित किया और 17 साल की उम्र में नोबल पुरस्कार जीता. साथ ही उन्हें कनाडा की नागरिकता भी सम्मान के तौर पर मिली है. (तस्वीर: इंस्टाग्राम)
तस्वीर में उन्हें कनाडा के पीएम जस्टिन ट्रूडो से बात करते हुए देखा जा सकता हैं. (तस्वीर: इंस्टाग्राम)
उन्हें साल 2017 में संयुक्त राष्ट्र ने मैसेंजर ऑफ पीस बनाया. उनके साथ ग्रुप में एक्टर माइकल डगलस और लियोनार्डो डिकैप्रियो, म्यूजिशियन डेनियल बारेंबोइन, यो-यो मा और प्राइमेटोलॉजिस्ट जेन गुडल हैं. इस तस्वीर में वो एप्पल के सीईओ टिम कुक के साथ नज़र आ रही हैं. (तस्वीर: इंस्टाग्राम)
इन सबके बाद मलाला मार्च 2018 में अपने मुल्क पाकिस्तान में वापस आईं. पाकिस्तान आकर मलाला सबसे पहले वहां गई जहां उनको गोली मारी गई थी. बता दें कि अभी मलाला ब्रिटेन में रहती हैं. (तस्वीर: इंस्टाग्राम)
वहीं उनके पिता जियाउद्दीन ने आज उनके बर्थ-डे पर कहा कि मलाला को सब चीजें दी गई हैं जो हर लड़के और लड़की को दी जानी चाहिए. (तस्वीर: इंस्टाग्राम)
बता दें कि मलाला का जन्म 12 जुलाई, 1997 को हुआ. (तस्वीर: इंस्टाग्राम)