हाईवे पर कब जलाना चाहिए हैजर्ड लाइट, ज्यादातर ड्राइवर नहीं जानते सही तरीका

हर गाड़ी में एक बटन होता है, जिस पर लाल रंग का त्रिकोण बना होता है, इसे ही हैजर्ड लाइट कहते हैं. जब इसे ऑन किया जाता है तो गाड़ी के आगे और पीछे लगे दोनों तरफ के इंडिकेटर एक साथ ब्लिंक करने लगते हैं. इसका मकसद यही होता है कि पीछे और आगे चल रहे दूसरे ड्राइवरों को यह पता चल जाए कि आपकी गाड़ी किसी खतरे वाली स्थिति में है. हालांकि, भारत में ज्यादातर लोग इसका सही इस्तेमाल नहीं जानते, जिस वजह से सड़क पर दुर्घटना का खतरा और बढ़ जाता है.
अगर आप हाईवे पर गाड़ी चला रहे हैं और किसी वजह से आपको बीच रास्ते में गाड़ी रोकनी पड़े, तो ऐसे में हैजर्ड लाइट जरूर जलानी चाहिए. जैसे अगर गाड़ी खराब हो जाए, टायर पंचर हो जाए या कोई तकनीकी दिक्कत आ जाए और आपको सड़क किनारे गाड़ी खड़ी करनी पड़े. इसके अलावा अंधेरी सड़क पर, हाईवे के किनारे या किसी ब्लाइंड टर्न पर अगर रुकना पड़े तो भी हैजर्ड लाइट जलाना जरूरी है, ताकि पीछे से आ रही गाड़ियों को समय रहते पता चल जाए कि आगे कोई वाहन खड़ा है.
अगर आपकी गाड़ी खराब होने की वजह से उसे टो किया जा रहा है, तो टो करने वाली और टो हो रही दोनों गाड़ियों पर हैजर्ड लाइट ऑन रखनी चाहिए. इससे पीछे से आ रहे ड्राइवरों को समझ आ जाता है कि ये गाड़ियां सामान्य रफ्तार से नहीं बल्कि धीमी गति से चल रही हैं, और उन्हें ओवरटेक करते समय ज्यादा सावधानी बरतनी चाहिए.
अगर सामने कोई एक्सीडेंट हो गया है और आपकी गाड़ी वहीं रुक गई है, तो हैजर्ड लाइट जरूर जलाएं. इसके साथ ही केंद्रीय मोटर वाहन नियम (CMVR) के मुताबिक गाड़ी से 50 से 100 मीटर की दूरी पर रिफ्लेक्टिव चेतावनी त्रिकोण रखना भी अनिवार्य है, ताकि दूर से आ रहे वाहनों को पहले ही अंदाजा हो जाए कि आगे कोई रुकावट है.
सबसे बड़ी गलती जो ज्यादातर ड्राइवर करते हैं, वो है बारिश में हैजर्ड लाइट जलाकर गाड़ी चलाना. बारिश में हैजर्ड लाइट जलाने से आपके इंडिकेटर काम करना बंद हो जाते हैं, जिससे पीछे वाले ड्राइवर को पता ही नहीं चलता कि आप मुड़ने वाले हैं या लेन बदलने वाले हैं. इसी तरह कुछ लोग ओवरटेक करते समय भी हैजर्ड लाइट जला देते हैं, जो पूरी तरह गलत तरीका होता है और इससे पीछे आ रहे ड्राइवर कंफ्यूज हो जाते हैं.
हैजर्ड लाइट का गलत इस्तेमाल करना सिर्फ सड़क सुरक्षा के लिए ही खतरनाक नहीं है, बल्कि यह कानूनी रूप से भी दंडनीय है. नियमों का उल्लंघन करने पर 100 से 500 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है. अगर कोई बार-बार यही गलती करता है, तो उसका ड्राइविंग लाइसेंस भी निलंबित किया जा सकता है. इसलिए हैजर्ड लाइट का इस्तेमाल सोच-समझकर और सही स्थिति में ही करना चाहिए.
गाड़ी चलाने से पहले समय-समय पर यह चेक करते रहें कि आपकी हैजर्ड लाइट सही से काम कर रही है या नहीं. अगर रात के समय किसी अंधेरी जगह पर गाड़ी पार्क करनी पड़े, तो हैजर्ड लाइट के साथ-साथ पार्किंग लाइट भी ऑन रखें. साथ ही गाड़ी में हमेशा एक रिफ्लेक्टिव चेतावनी त्रिकोण जरूर रखें, क्योंकि यह कानूनी रूप से भी जरूरी होता है.