Bike Shock Absorber: हर गड्ढे पर लग रहा है जोर का झटका, जानें कितनी होती है बाइक के शॉकर की लाइफ?

Bike Shock Absorber: अगर बाइक चलाते समय हर छोटे-बड़े गड्ढे का झटका सीधे शरीर तक लगने लगे. मोड़ पर बाइक अस्थिर महसूस हो या ब्रेक लगाने पर कंट्रोल कम होने लगे तो यह शॉकर खराब होने का संकेत हो सकता है. बाइक का शॉकर यानी सस्पेंशन सिस्टम राइड को आरामदायक और सुरक्षित बनाने में बहुत बड़ी भूमिका निभाता है, लेकिन समय के साथ इसकी क्षमता कम होने लगती है.
दरअसल बाइक के शॉकर सड़क के गड्ढे, स्पीड ब्रेकर और ऊबड़-खाबड़ रास्तों से आने वाले झटको को सकते हैं. इसके अलावा यह टायर और सड़क के बीच सही से कांटेक्ट बनाए रखते हैं, जिससे बाइक की ग्रिप, ब्रेकिंग और हैंडलिंग बेहतर रहती है. वहीं अगर चोकर सही तरीके से काम न करें तो बाइक ज्यादा उछलने लगती है और कंट्रोल प्रभावित हो सकता है.
ऑटो एक्सपर्ट्स के अनुसार बाइक के शॉकर की औसत लाइफ करीब 50,000 से 1 लाख किलोमीटर तक हो सकती है. वहीं सामान्य तौर पर उनकी उम्र 4 से 5 साल मानी जाती है.
हालांकि यह पूरी तरह इस बात पर निर्भर करता है कि बाइक किन रास्तों पर और किस तरह चलाई जाती है. अच्छी सड़कों पर चलने वाली बाइक के शॉकर 8 से 10 साल तक भी चल सकते हैं, जबकि खराब गड्ढे वाली सड़कों पर उनकी उम्र बहुत कम हो सकती है.
वहीं शॉकर के जल्दी खराब होने की सबसे बड़ी वजह खराब सड़क, ओवरलोडिंग, तेज रफ्तार और रफ ड्राइविंग और मौसम का असर होता है. यानी ज्यादा गर्मी और नमी भी शॉकर की सील और ऑयल को प्रभावित कर सकती है.
वहीं ऑटो एक्सपर्ट भी सलाह देते हैं कि सर्विस के दौरान सस्पेंशन सिस्टम की भी जांच करानी चाहिए. अगर बाइक 50,000 किलोमीटर से ज्यादा चल चुकी है या बाइक पर ज्यादा गड्ढों पर ज्यादा झटका महसूस हो रहे तो शॉकर की स्थिति जरूर चेक करानी चाहिए.
वहीं शॉकर की लाइफ बढ़ाने के लिए खराब रास्तों पर बाइक को धीरे चलना चाहिए. बाइक पर जरूरत से ज्यादा वजन नहीं रखना चाहिए. इसकी नियमित सर्विस करानी चाहिए और ऑयल लीकेज या बाइक से आने वाली आवाज को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए.
इसके अलावा बाइक और मॉडल के अनुसार शॉकर बदलने का खर्च अलग-अलग होता है. आमतौर पर एक शॉकर बदलने पर कुछ हजार रुपये का खर्चा आ सकता है और प्रीमियम और स्पोर्ट्स बाइक में यह लागत ज्यादा होती है.