बाइक में RESERVE मोड कैसे करता है काम? जानिए पूरा सच

जब भी आप बाइक चलाते और अचानक फ्यूल खत्म होने लगता है और गाड़ी झटका लेने लगती है. तो हम तुरंत फ्यूल नॉब को रिजर्व पर घुमा देते हैं. इसके बाद बाइक फिर से बिना किसी परेशानी के चलने लगती है. कई लोगों को लगता है कि रिजर्व मोड में जाते ही एक्स्ट्रा पेट्रोल टैंक ऑन हो जाता है. लेकिन हकीकत में ऐसा बिल्कुल नहीं है. चलिए जानतें हैं कि यह रिजर्व सिस्टम असल में कैसे काम करता है.
जबकि बहुत से राइडर्स के मन में यह गलतफहमी होती है कि बाइक में रिजर्व पेट्रोल के लिए कोई अलग से चोर टैंक बना होता है. असलियत यह है कि आपकी बाइक में सिर्फ एक ही मेन फ्यूल टैंक होता है. उसी एक टैंक के अंदर पेट्रोल भरा जाता है. रिजर्व मोड कोई अलग डिब्बा नहीं है बल्कि उसी टैंक से पेट्रोल खींचने का एक स्मार्ट और मैकेनिकल तरीका है.
यह सभी काम आपकी बाइक के फ्यूल टैंक के नीचे लगा छोटा सा स्विच होता है. इसे टेक्निकल भाषा में फ्यूल पेटकॉक कहा जाता है. इस पेटकॉक के अंदर टैंक के ऊपर की तरफ दो अलग-अलग लंबाई की पाइप निकली होती हैं. एक पाइप थोड़ी लंबी होती है और दूसरी पाइप बिल्कुल नीचे टैंक की सतह के करीब होती है. इसी पाइप के खेल पर पूरा सिस्टम टिका है.
बता दें कि जब आपकी बाइक ON मोड पर होती है तो फ्यूल कॉक लंबी वाली पाइप का रास्ता खोल देता है. इससे होता यह है कि टैंक का ऊपरी हिस्से का पेट्रोल उस लंबी पाइप के जरिए इंजन तक पहुंचता रहता है. जैसे ही पेट्रोल का लेवल उस लंबी पाइप की ऊंचाई से नीचे चला जाता है तो पाइप को पेट्रोल मिलना बंद हो जाता है और बाइक बंद होने या झटके लेने लगती है.
वहीं जैसे ही बाइक झटका लेती है आपको समझ आ जाता है कि मेन पेट्रोल खत्म हो चुका है. फिर जब आप स्विच को घुमाकर RESERVE मोड पर करते हैं. तो पेटकॉक नीचे वाली छोटी पाइप का रास्ता चालू कर देता है. यह छोटी पाइप टैंक की बिल्कुल तली से जुड़ी होती है. इससे बचा हुआ नीचे का सारा पेट्रोल भी बहकर इंजन तक पहुंचने लगता है और बाइक चलने लगती है.
जिसका मतलब साफ है कि रिजर्व मोड कोई अलग से दिया गया पेट्रोल नहीं है बल्कि यह आपके ही टैंक में बचा हुआ आखिरी 1 से 2 लीटर पेट्रोल होता है. कंपनी जानबूझकर लंबी पाइप लगाकर इतना पेट्रोल बचा देती है ताकि आपको एक अलर्ट मिल सके. यह चेतावनी आपको याद दिलाती है कि अब गाड़ी में तेल खत्म होने वाला है और तुरंत पेट्रोल पंप ढूंढ लेना चाहिए.
जबकि आजकल की आधुनिक और BS6 बाइक्स में आपको यह मैन्युअल घुमाने वाला फ्यूल नॉब देखने को नहीं मिलता. नई बाइक्स में फ्यूल इंजेक्शन यानी FI सिस्टम आ गया है. इनमें टैंक के अंदर ही एक इलेक्ट्रॉनिक फ्यूल पंप लगा होता है. डिजिटल मीटर पर जैसे ही आखिरी बार ब्लिंक करने लगती है. वही आपकी बाइक का डिजिटल रिजर्व इंडिकेशन होता है जिससे आपको तुरंत पेट्रोल भरवाना पड़ता है.
रिजर्व मोड का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह आपको किसी सुनसान रास्ते पर अचानक फंसने से बचा लेता है. अगर यह सिस्टम न हो तो बिना किसी चेतावनी के आपकी बाइक का पूरा पेट्रोल एक साथ खत्म हो जाएगा. रिजर्व मोड आपको एक बैकअप का अहसास देता है और पास के पेट्रोल पंप तक पहुंचने के लिए पर्याप्त समय और दूरी की सहूलियत प्रदान करता है.
हमेशा रिजर्व में गाड़ी चलाने से बचना चाहिए क्योंकि टैंक की तली में कचरा और गंदगी जमा रहती है. जब आप बिल्कुल आखिरी बूंद तक पेट्रोल इस्तेमाल करते हैं तो वह कचरा कारब्यूरेटर या इंजन तक पहुंच सकता है. इसलिए जैसे ही आपकी बाइक रिजर्व में आए, आलस छोड़ें और तुरंत टंकी में नया पेट्रोल भरवा लें ताकि बाइक की लाइफ और परफॉर्मेंस दोनों बढ़िया बनी रहे.