कार की सर्विसिंग लोकल मैकेनिक से कराएं या कंपनी के सर्विस सेंटर से, यहां जानें फायदे और नुकसान
अगर आप अपनी कार की सर्विसिंग को लेकर परेशान है कि आखिर कार की सर्विस लोकल मैकेनिक से कराएंगे या फिर कंपनी के ऑथराइज्ड सर्विस सेंटर से कराएं तो आज हम आपको इन दोनों के फायदे और नुकसान बताने वाले हैं.
अगर कॉस्ट पर ध्यान ना दिया जाए तो कंपनी के ऑथराइज सर्विस सेंटर से कार सर्विस कराने के फायदे ही फायदे हैं. लेकिन, अगर कोस्ट को को केंद्र में रखें लोकल मैकेनिक से सर्विस कराने में फायदा है.
सर्विस का तरीका: ऑथराइज्ड सर्विस सेंटर पर सर्विस करने का तरीका और लोकल मकैनिक के सर्विस करने का तरीका अलग होता है.
टूल्स: सर्विस सेंटर पर कार की सर्विस करने के एडवांस टूल्स होते हैं जबकि लोकल मकैनिक के पास हो सकता है कि उस दर्जे के टूल्स नहीं होते.
लेबर कॉस्ट: ऑथराइज्ड सर्विस सेंटर पर सर्विस कराने और लोकल मैकेनिक से सर्विस कराने में लेबर कॉस्ट का बड़ा फर्क होता है. लोकल मैकेनिक के पास लेबर कॉस्ट कम आती है जबकि ऑथराइज्ड सर्विस सेंटर पर लेबर कॉस्ट बढ़ जाती है.
जब आप अगर कार को बेचना चाहेंगे तब कार के सर्विस रिकॉर्ड के अनुसार आपको उसकी ज्यादा कीमत मिलने की उम्मीद है क्योंकि, खरीदने वाले व्यक्ति को यह आश्वासन मिलेगा कि कार की सर्विस अच्छी जगह हुई है और वह वेल मेंटेंड है.
रिसेल वैल्यू: अगर आप अपनी कार की सर्विस ऑथराइज्ड सर्विस सेंटर पर कराते हैं तो उसका एक रिकॉर्ड तैयार होता है, जिसका फायदा आपको कार की रिसेल वैल्यू में मिलता है.