Premanand Maharaj: क्या आप जानते हैं वृंदावन वाले प्रेमानंद महाराज का असली नाम क्या है
प्रेमानंद महाराज वृंदावन के सबसे चर्चित संत में एक है, जिनकी ख्याति पूरे भारतवर्ष में फैली है. सोशल मीडिया पर भी महाराज जी की कथाएं, प्रवचन और वीडियो आदि अक्सर चार्च में रहते हैं.
महाराज जी के भक्त उन्हें वृंदावन वाले प्रेमामंद महाराज भी कहते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि, उनका असली नाम क्या है और उनकी आध्यात्मित जीवन यात्रा की शुरुआत आखिर कैसे हुई.
प्रेमानंद महाराज का असली नाम अनिरुद्ध कुमार पांडे है. उनका जन्म कानपुर के ब्राह्मण परिवार में हुआ. बचपन से ही भक्ति और आध्यात्मिकता की ओर उनका झुकाव रहा और महज 13 वर्ष में उन्होंने दीक्षा ग्रहण कर आध्यात्मिक पथ को चुन लिया.
प्रेमानंद महाराज राधा वल्लभ संप्रदाय से जुड़े. यहीं से उनका नाम अनिरुद्ध पांडे से आनंद स्वरूप ब्रह्मचारी पड़ा. बाद में वे मथुरा वृंदावन आए और राधा-कृष्ण की भक्ति में अपना जीवन लगाने का निर्णय कर लिया.
मथुरा का बांके बिहारी मंदिर और उसके बाद वृंदावन का राधावल्लभ मंदिर प्रेमानंद महाराज की तपोस्थली बन गया. वे 10 साल गौरांगी शरण महाराज की संगत में रहे और यहीं श्री राधा राधावल्लभी संप्रदाय में दीक्षा के साथ उनका नाम प्रेमानंद गोविंद शरण यानी प्रेमानंद महाराज पड़ा.
प्रेमानंद जी महाराज की दोनों किडनियां कई वर्षों से खराब है. लेकिन इसके बावजूद वे हमेशा ध्यान, प्रवचवन और सत्संग करते हैं. बताया जाता है कि, प्रेमानंद महाराज ने अपनी दोनों किडनियों का नाम भी राधा और कृष्ण रखा है.