घर में पूजा करते समय इन वास्तु नियमों का करें पालन! जानें देवी-देवताओं की कृपा पाने के सरल तरीके
हिंदू धर्म में देवी-देवताओं की पूजा करने की हमेशा से परंपरा रही है. हालांकि अधिकतर लोग पूजा करते समय वास्तु के नियमों और सिद्धांतों का पालन करने में चूक जाते हैं. भगवान की पूजा करते समय छोटी-छोटी गलतियों के कारण वास्तु दोष खत्म होने की बजाए बरकरार रहता है. वास्तु के जानकार अनीष व्यास से जानिए इन नियमों के बारे में.
वास्तु के जानकार अनीष व्यास के मुताबिक, घर में पूजा करने का समय बनाएं. पूरे दिन 5 शुभ मुहूर्त होते हैं, जब आप भगवान की पूजा कर सकते हैं. पहली पूजा ब्रह्म मुहूर्त में करनी चाहिए. इतनी सुबह उठ नहीं सकते हैं तो सुबह 9 या 10 बजे तक पूजा कर लें. इसके बाद शाम की पूजा रात में सोने से पहले करें. कहने का मतलब पूजा करने का समय निर्धारित करें.
शास्त्रों में बताया जाता है कि, सबसे पहले भगवान गणेश की पूजा करनी चाहिए. हालांकि जानकार बताते हैं कि, सबसे पहले सूर्य, गणेश, दुर्गा, शिव और विष्णु पंचदेव हैं. जब भी पूजा शुरू करें, तो सबसे पहले इन पंचदेवताओं को याद करें. ऐसा करने से घर में समृद्धि और खुशहाली आती है.
हिंदू धर्म में तुलसी के पौधे को पूजनीय और पवित्रता का दर्जा प्राप्त है. ऐसे में देवी-देवताओं को अर्पित किए जाने वाले भोग में तुलसी का पत्ता अवश्य इस्तेमाल करें. लेकिन भगवान शिव, गणेश और भैरव को तुलसी के पत्ते अर्पित करने से बचें. इसके अलावा रविवार, एकादशी, द्वादशी, संक्रांति या शाम के समय तुलसी के पत्ते को तोड़ने से बचें. ऐसा करने से लक्ष्मी जी नाराज हो जाती है, जिससे आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है.
पूजा करते वक्त पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख होना चाहिए. पूजा के दौरान तेल या घी का दीपक जलाएं, लेकिन ध्यान रखें कि एक दीपक से दूसरे दीपक को न जलाएं. ऐसा करने से सेहत से जुड़ी समस्याएं उत्पन्न हो सकती है.
घर में के मंदिर में किसी भी भगवान की मूर्ति 1, 3,5, 7, 9 या 11 इंच की होनी चाहिए. इसके अलावा घर में खड़े गणेश जी, सरस्वती जी और माता लक्ष्मी की ऐसी किसी भी प्रतिमा को घर में न रखें.
घर के मंदिर में क्षतिग्रस्त मूर्तियों को तुरंत हटा दें. ऐसी मूर्तियों को मंदिर में दान करने के साथ उसे किसी पवित्र नदी में विसर्जित करना सही माना जाता है. इसके अलावा घर में पूजा करने के दौरान गंगाजल का इस्तेमाल करना सही माना जाता है.