Vastu Tips: Good Energy या Bad Luck? मंदिर का तोरण बिगाड़ सकता है घर का माहौल, जानें सच

वास्तु टिप्स
वास्तु शास्त्र के अनुसार तोरण लगाने से घर में पॉजिटिविटी के साथ शुद्धता भी आती है. इससे घर के सदस्य स्वस्थ और समृद्ध रहते हैं लेकिन अगर आपने आम या अशोक के पत्तों का तोरण लगाया है तो उसे लंबे समय तक लगे न रहने दें, क्योंकि वास्तु अनुसार जैसे ही इसके पत्ते सूखते हैं हमारा हरा भरा जीवन में भी सूखने लगता है. तनाव परेशानियां आने लगती है.
कभी-कभी सब ठीक होते हुए भी काम अटकते रहते हैं. नया काम शुरू करें या कोई शुभ कार्यक्रम प्लान करें, छोटी-छोटी रुकावटें सामने आ जाती हैं। ऐसी स्थिति में आसपास की छोटी चीजों पर ध्यान देना जरूरी होता है, जैसे कि मंदिर का सूखा तोरण
वास्तु में तोरण बदलने के भी कुछ विशेष दिन है जैसे मंगलवार, गुरुवार, शनिवार, या फिर एकादशी और पूर्णिमा. इन दिनों पर बदलाव करना शुभ और सकारात्मक माना जाता है. लेकिन इसे कूड़ेदान में न फेंके. कहीं मिट्टी में दबा दें या फिर बहते पानी में प्रवाहित कर दें.
कोई भी नया तोरण लगाने के बाद उसे 10-15 दिन के बाद बदल लेना चाहिए, इससे घर की ऊर्जा प्रभावित नहीं होती. पॉजिटिविटी बनी रहती है.
सूखे पत्तों को वास्तु में ठहराव, नकारात्मकता और कमजोरी का प्रतीक माना जाता है. ऐसे में घर में लगा सूखा तोरण कई लोगों तनाव, चिड़चिड़ापन या कामों में रुकावट का कारण बनता है