Valentine's Day 2024: प्रेम इनका अधूरा -आधा है, कृष्ण के संग बस राधा ही राधा, यहां पढ़ें इनकी अनमोल कहानी
राधा कृष्ण की प्रेम कहानी जगजाहिर है. प्रेम की बात हो तो राधा-कृष्ण के प्रेम का नाम सबसे पहले आता है. भगवान कृष्ण की अनेकों रानियां थी, लेकिन राधा के साथ उनका संबंध अलग था. राधा-कृष्ण के प्रेम की मिसाल दुनिया देती है.
इन दोनों के प्रेम की गाथा पीढ़ियों दर पीढ़ी लोग सुनते आ रहे हैं. आज भी भगवान कृष्ण का नाम जपते समय राधा रानी का नाम कृष्ण जी से पहले आता है. लेकिन इतना अटूट प्रेम होने के बाद भी श्रीकृष्ण में राधा रानी से शादी नहीं की.
बरसाने की राधा, प्रभु श्री राम से चार साल बड़ी थी. राधा-कृष्ण की पहली मुलाकात के बारे में बहुत से मान्यताएं हैं लेकिन इन दोनों का प्रेम अमर था. राधाजी कृष्ण जी की बांसुरी सुनके बावरी होने लगती और नाचने लगती थी और वह उनसे मिलने हेतु घर से बाहर निकल पड़ती थी.
ऐसा माना जाता है श्रीकृष्ण मयूरपंख राधा रानी के लिए लगा कर रखते थें.श्रीकृष्ण को मयूरपंख राधा रानी के साथ उपवन में उनके संग नाचते हुए मिला. मयूर का पंख नीचे गिरा था तब उन्होंने उसको उठा लिया एवं अपने सिर पर धारण किया.
श्री कृष्ण की 16 हजार 108 रानियां थीं. लेकिन अपनी बाल अवस्था में श्रीकृष्ण के गोकुल में गोपियों संग रासलीला की कहानियां आज भी मशहूर हैं. लेकिन इन सब में राधा रानी का नाम सबसे ऊपर आता है. ''कृष्ण की प्रेम बाँसुरिया सुन भई वो प्रेम दिवानी, जब-जब कान्हा मुरली बजाएँ दौड़ी आये राधा रानी”