Panchang: भारत में लागू होगा एक ही पंचांग ? होली, दिवाली की डेट में अब नहीं होगा कंफ्यूजन !
हिंदू कैलेंडर को पंचांग कहा जाता है. हिंदू धर्म में समय की गणना और त्योहारों के तिथियों को निर्धारित करने के लिए पंचांग के इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन हर साल पंचांग में तिथियों में अंतर के कारण होली, दिवाली, नवरात्रि अन्य त्योहारों को लेकर कंफ्यूजन बना रहता है.
ऐसे में काशी हिंदू विश्वविद्यालय में एक संगोष्ठी के दौरान 400 ज्योतिषाचार्यों और पंचांग निर्माताओं ने अब इस समस्या का समाधान निकालने के लिए बड़ा कदम उठाया है. इसमें एक देश, एक पंचांग लागू करने पर विचार किया जा रहा है.
ये पंचांग सूर्य आधारित होगा. बीएचयू के जानकार इसके लिए एक विशेष सॉफ्टवेयर विकसित कर रहे हैं जो सटीक तिथियों की गणना करेगा. इससे व्रत, त्योहारों की तिथियां पूरे देश में एक समान होंगी. निर्वीज पंचांग के अनुसार तिथि, मुहूर्त और पर्व आदि निर्धारित होंगे.
पंचांग के इतिहास की बात करें तो वैदिक काल में ऋषि-मुनियों ने ग्रहों की गति, चंद्रमा और सूर्य की स्थितियों के आधार पर समय की गणना की और पंचांग की रचना की.
हिंदू पंचांग में पांच अंग होते हैं, जिनकी गणना से दिन की तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार का निर्धारण होता है. इन पांचों तत्वों का संयोजन एक निश्चित दिन के लिए होता है.
पंचांग में 12 महीने होते हैं. हर महीने में 15 दिनों के दो पक्ष होते हैं - शुक्ल पक्ष और कृष्ण पक्ष.महीने का हिसाब सूर्य और चंद्रमा की गति के आधार पर होता है.