शादी विवाह के लिए क्यों की जाती है शिवजी की पूजा?
विवाह में देरी हो या फिर वैवाहिक जीवन में किसी तरह की परेशानी चल रही हो तो आमतौर पर लोग शिवजी की पूजा करते हैं. मान्यता है कि शिवजी की पूजा करने से शादी-विवाह से जुड़ी समस्या शीघ्र ही दूर हो जाती है.
हरियाली तीज, कजरी तीज, हरतालिका तीज, 16 सोमवार व्रत, शिवरात्रि व्रत आदि जैसे कई व्रत-त्योहार भगवान शिवजी की पूजा के लिए समर्पित हैं. ये व्रत त्योहार कुंवारी कन्याएं शीघ्र विवाह और विवाहित स्त्रियां सुखी दांपत्य जीवन के लिए रखती हैं.
शादी-विवाह के लिए शिवजी की पूजा करने का एक कारण यह भी है कि, शिव-पार्वती ऐसे देवी-देवता हैं, जो आदर्श दांपत्य के प्रतीक माने जाते हैं. शिव-पार्वती के विवाह को आदर्श विवाह माना जाता है.
पार्वती ने कठोर तप के बाद शिव को पति के रूप में पाया, जो सच्चे प्रेम, त्याग और समर्पण का प्रतीक है. शिवजी की पूजा से वैसे तो हर कामना पूर्ण होती है. लेकिन विशेषकर विवाह संबंधी इच्छाओं के लिए शिव पूजन को शास्त्र-पुराणों में भी लाभकारी बताया गया है.
शिव पुराण के अनुसार, भगवान शिव को अर्धनारीश्वर रूप में भी पूजा जाता है, जोकि स्त्री-पुरुष के समरसता का प्रतीक है. भगवान का यह रूप दर्शाता है कि शिव और शक्ति (पार्वती) एक-दूसरे के बिना अधूरे हैं. इसलिए शिव का यह रूप वैवाहिक जीवन का गूढ़ संदेश भी देता है.
नारद पुराण, पद्म पुराण में शिव का उल्लेख उमामहेश्वर व्रत का भी उल्लेख मिलता है. इस व्रत में भगवान शिव और पार्वती की पूजा का विधान है, जिसे करने से कन्या को योग्य और मनचाहे वर की प्राप्ति होती है.