Shani Upay: शनि दोष और ढैय्या से हैं परेशान तो आजमाएं ये आसान उपाय
शनि देव हिंदू धर्म में न्याय और कर्म के देवता के रूप में पूजनीय हैं. वो सूर्य देव के पुत्र हैं. शनि देव को शनि ग्रह का भी अधिपति माना जाता है. शनि मनुष्यों को उनके कर्मों के अनुसार फल देते हैं इसलिए उन्हें दंडाधिपति भी कहा जाता है.
शनि देव को शनिश्चर और शनेश्वर जैसे नामों से भी जाना जाता है. शनि देव की कृपा से जीवन कभी कोई समस्या नहीं आती है. शनि की दोष और ढैय्या से पीड़ित लोगों शनि की आराधना से विशेष लाभ होता है. जानते हैं उनसे जुड़े उपायों के बारे में.
अगर आप शनि दोष और ढैय्या से परेशान हैं तो शनिवार के दिन शनि देव को सरसों का तेल जरूर चढ़ाएं. इसके साथ ही इस दिन तेल का दान और छाया पात्र बांटने से भी शनि देव की कृपा बरसने लगती है. इस उपाय को करने से कुंडली में स्थित शनि दोष भी दूर होता है.
शनिवार के दिन शनि चालीसा या स्तोत्र का पाठ करें. इस दिन हनुमान जी की आराधना करने से भी ढैय्या का प्रभाव कम होता है. शनिवार के दिन हनुमान चालीसा का पाठ करने से उनका आशीर्वाद मिलता है और शनि देव भी कष्ट देना बंद कर देते हैं.
अगर आप शनि के प्रकोप से परेशान हैं तो सात मुखी रुद्राक्ष धारण करें. इससे भगवान शिव के साथ-साथ शनि देव भी प्रसन्न होते हैं और अपनी कृपा बरसाते हैं. शनि देव प्रसन्न हों तो व्यक्ति को जीवन में सुख और सफलता मिलती है.
शनि देव की कृपा प्राप्त करने के लिए शनिवार के दिन धतूरे की जड़ को धारण करें. धतूरे की जड़ को गले या हाथ में बांधने से शनि देव शुभ परिणाम देते हैं. इसके अलावा शनि देव को काला तिल चढ़ाने से भी लाभ प्राप्त होता है.
शनि देव को शमी का पौधा बेहद प्रिय है. शनिवार के दिन इस पर कलावा बांधने और हल्दी का छिड़काव करने से शनि का दुष्प्रभाव कम होने लगता है.
शनिवार के दिन पीपल को जल अर्पित करें और इस पर काला धागा बांधें. शाम के समय इस पर सरसों के तेल का दीपक जलाएं. शनिवार के दिन कौवे को भोजन कराने से भी शनि के कष्टों से छुटकारा मिलता है.