Sawan 2023: पंचतत्व से जुड़े हैं शिवजी के ये 5 पावनधाम, यहां पूरी होती है भक्तों की हर मुराद
हिंदू धर्म में पंचतत्वों (पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु और आकाश) पर आधारित इन 5 शिवालयों को बहुत ही महत्वपूर्ण माना गया है. इन शिवधाम के दर्शन करने और पूजा करने से हर मनोकामना पूरी होती है और शिवजी की कृपा बरसती है. जानते हैं पंचतत्वों पर आधारित इन पांच शिवधाम के बारे में.
एकंबरनाथ मंदिर (Ekambaranathar Temple): भगवान शिव का यह मंदिर चमत्कारी माना जाता है, जो पृथ्वी तत्व पर आधारित है. एकंबरनाथ मंदिर तमिलनाडु के कांचीपुरम में स्थित है. मान्यता है कि यहां स्थित शिवलिंग के दर्शन मात्र से शिवभक्तों के कष्ट दूर हो जाते हैं. यहां शिवलिंग बालू से बना हुआ है. इसलिए यहां जलाभिषेक नहीं की जाती बल्कि पानी से छींटे दिए जाते हैं.
जंबूकेश्वर मंदिर (Jambukeswarar Temple): जंबूकेश्वर मंदिर को जल तत्व का प्रतीक माना गया है. यह त्रिचिरापल्ली में स्थित है. यहां शिवलिंग को लोग अप्पू लिंगम के नाम से पूजा करते हैं. मान्यता है कि कभी यहीं माता पार्वती ने जल से शिवलिंग निकालकर पूजा की थी.
अरुणाचलेश्वर मंदिर (Arunachaleswarar Temple): अरुणाचलेश्वर मंदिर अग्नि तत्व पर आधारित है. यह मंदिर तमिलनाडु के तिरुवन्नामलाई में स्थित है. ऐसी मान्यता है कि इस मंदिर में दर्शन और पूजा से असीम ऊर्जा की प्राप्ति होती है.
कालहस्तीश्वर मंदिर (Srikalahasteeswara Temple): भगवान शिव का यह मंदिर वायु तत्व पर आधारित है, जोकि आंध्र प्रदेश के जिला चित्तुर के काला हस्ती क्षेत्र में स्थित है. यहां स्थित शिवलिंग को वायु लिंग या कर्पूर लिंगम भी कहा जाता है. इस शिवलिंग पर जल चढ़ाना और स्पर्श करना वर्जित है.