Panchak 2026: मौसम में बदलाव और रोग पंचक का डबल अटैक, खतरे की आहट तो नहीं?

रोग पंचक 2026
10 मई के रोग पंचक शुरू हो चुका है, जो 14 मई 2026 तक रहेगा. रोग पंचक के 5 दिनों की अवधि को खासकर सेहत के लिए अच्छा नहीं माना जाता है. इसलिए इस समय सेहत का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी जाती है.
रोग पंचक 10 मई दोपहर 12:08 पर शुरू होगा और 14 मई रात 10:34 पर समाप्त हो जाएगा. बता दें कि, पंचक तब बनता है जब चंद्रमा कुंभ और मीन राशि में प्रवेश करता है और 5 नक्षत्रों (धनिष्ठा, शतभिषा, पूर्वाभाद्रपद, उत्तराभाद्रपद और रेवती) से होकर गुजरता है. वहीं रविवार के दिन पंचक की शुरुआत हो तो इसे रोग पंचक कहते हैं.
10 मई के रोग पंचक शुरू हो चुका है और इस बीच मौसम में भी बदलाव हो रहे हैं. गर्मी के बीच IMD ने बारिश की चेतावनी दी है. मौसम में लगातार हो रहे बदलाव के बीच अब रोग पंचक की शुरुआत ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है.
पंचक काल को ऊर्जा परिवर्तन का समय माना गया है, धार्मिक मान्यता है कि इस दौरान शरीर और मन दोनों को संतुलित रखना जरूरी है. इसलिए इस समय घर निर्माण, विवाह, सगाई, यात्रा, नामकरण, गृह प्रवेश, दक्षिण दिशा की यात्रा और लकड़ियों को इकट्ठा न करने की सलाह दी जाती है.
ज्योतिष शास्त्र में रोग पंचक को स्वास्थ्य के लिहाज से संवेदनशील समय माना जाता है. मान्यता है कि इस दौरान संक्रमण, मौसमी बीमारियां और शारीरिक कमजोरी बढ़ सकती है. खासकर जब मौसम तेजी से बदल रहा हो, तब इसका प्रभाव और अधिक महसूस होता है.
ज्योतिषाचार्य ने दी सलाह- अनीष व्यास के अनुसार, धार्मिक और ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार रोग पंचक के दौरान बाहर का बासी या तला-भुना भोजन कम खाएं, नियमित रूप से हल्दी, तुलसी और गुनगुने पानी का सेवन करें, पूजा-पाठ करें, ध्यान से मानसिक तनाव कम रखें और महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें.