Pitru Paksha 2023 Bhog: पितरों के भोजन में क्यों बनाई जाती है खीर-पूड़ी, जानें महत्व
श्राद्ध का भोजन बहुत ही साधारण और शुद्ध होना चाहिए. श्राद्ध के खाने में खीर-पूड़ी जरुर बनाएं. खीर को पायस अन्न कहते हैं, पायस यानी प्रथम भोग. दूध और चावल से बनी खीर शरीर को ऊर्जा देती है. यही वजह है कि पितृ पक्ष पितरों को खीर, पूड़ी का धूप देते हैं और पितरों के नाम ब्राह्मण भोज कराते हैं.
श्राद्ध का खाना बनाते समय जौ, मटर और सरसों का उपयोग करना श्रेष्ठ माना जाता है. पितरों की भोग की थाल में कद्दू की खट्टी-मिठी सब्जी जरुर शामिल की जाती है.
पितरों के भोजन में तिल का जरुर उपयोग करें. तिल पिशाचों से श्राद्ध की रक्षा करते हैं. तिल को बहुत शुभ और पवित्र माना जाता है. प्रसाद में ज्यादा से ज्यादा तिल होने पर उसका अक्षय फल मिलता है.
पितृ पक्ष में चना, मसूर, उड़द दाल, प्याज, लहसून, मूली से युक्त भोजन नहीं बनाना चाहिए. इसे अशुभ माना गया है.
श्राद्ध के भोजन से सबसे पहले अग्नि में धूप दें, फिर पंचबलि ग्रास निकालें. ब्राह्मणों को भोजन कराएं. अगर ब्राह्मण न मिलें तो बहन, दामाद या भानजे को भी भोजन कराना बहुत शुभफलदायी होता है.