Onam 2023: 29 अगस्त को ओणम, क्यों खास है ये पर्व ? क्या है इसकी मान्यता, जानें
ओणम के दिन से मलयालम नववर्ष की शुरुआत होती है. ये त्योहार मलयालम कैलेंडर के चिंगम माह में मनाया जाता है. यह त्योहार सामाजिक और सांस्कृतिक एकता को दर्शाता है
पंचांग के अनुसार ओणम 29 अगस्त 2023 को मनाया जाएगा. थिरुवोणम् नक्षत्र की शुरुआत 29 अगस्त 2023 को प्रात: 02 बजकर 43 मिनट पर होगी और इस नक्षत्र का समापन इसी दिन रात 11 बजकर 50 मिनट पर होगा.
ओणम का संबंध राजा महाबलि से है. पौराणिक मान्यता के अनुसार जब असुर राज महाबलि ने देव लोक में अपना राज स्थापित कर लिया था लेकिन एक ब्राह्मण की इच्छा पूरी करने के लिए उन्हें पाताल लोक में जाना पड़ा.
ये ब्राह्मण और कोई नहीं भगवान विष्णु थे, जिन्होंने वामन अवतार लेकर राजा महाबलि से तीन पग भूमि मांगी थी. दो पग में उन्होंने आकाश और धरती नाप ली. जब कोई जगह नहीं बची तो तीसरी पग के लिए महाबलि ने अपना सिर आगे कर दिया.
राजा महाबलि की उदारता देखकर विष्णु जी ने उन्हें पाताल भेज दिया. श्रीहरि ने राजा महाबलि को पाताल का राजा बना दिया. श्रीहरि महाबलि से बहुत प्रसन्न हुए और उन्होंने वरदान दिया कि साल में एक बार तुम अपनी प्रजा से मिलने जा सकते हैं. इसके बाद राजा बलि हर साल सावन माह के श्रवण नक्षत्र में अपनी प्रजा की सुध लेने धरती पर आते हैं.
ओणम पर लोग रंगोली बनाकर राजा महाबलि का स्वागत करते हैं. एक-दूसरे को पर्व की बधाई देते हैं. पकवानों से थालियों को सजाया जाता है और साध्या को तैयार किया जाता है. कई तरह के सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन होता है.
ओणम का त्योहर कृषि से भी जुड़ा है. कहते हैं फसल पकने की खुशी में लोग इस दिन को धूमधाम से मनाते हैं. साथ ही अगली उपज में वृद्धि के लिए कामना करते हैं.