मुसलमानों के माथे पर क्यों होता है काला निशान?

मुसलमानों के माथे पर क्यों होता है काला निशान
इस्लाम (Islam Religion) में नमाज (Namaz) अदा करना एक सच्चे मुसलमान (Muslman)) का फर्ज होता है. इसलिए जो भी व्यक्ति पांच वक्त की नमाज अदा करता है उसके माथे पर काले दाग का निशान बन जाता है.
ज्यादातर लोग इसे पाक (शुभ) मानते हैं और पांच वक्त की नमाज अदा करना एक सच्चे नमाज़ी की निशानी होती है.
दरअसल सालों तक लगातार 5 वक्त की नमाज़ करने की वजह से पेशानी (माथे) जमीन को टच करती है, ये प्रक्रिया लगातार करने से सिर पर काला दाग बन जाता है.
नमाज (Namaz) के दौरान घुटने और पैर के टखने भी जमीन पर टच होता है, जिस वजह से उन जगहों पर भी काले निशान बन जाते हैं.
इस्लाम धर्म ((Islam Religion)) में नमाज अदा करने के लिए 4 अलग-अलग स्थितियों की जरुरत होती है.
जोकि वक्फ( खड़े होना), रुकू (झुकना), सजदा (प्रणाम करना) और जुलूस(बैठना).