Mrityu Panchak 2026: मृत्यु पंचक कब ? जून में ये 5 दिन बहुत खतरनाक, रहें संभलकर

मृत्यु पंचक 2026
मृत्यु पंचक 6 जून 2026 को रात 7.03 मिनट पर शुरू होगा और 11 जून को सुबह 8.16 मिनट पर समाप्त होगा. मृत्यु पंचक के 5 दिन बहुत खतरनाक माने जाते हैं. ऐसे में इस दौरान बेहद सावधानी रखें.
गरुड़ पुराण के अनुसार, पंचक में अगर किसी की मृत्यु हो जाती है, तो उसके परिवार, खानदान या कुल में पांच अन्य लोगों पर गंभीर संकट, बीमारी या मृत्यु तुल्य संकट आने की संभावना रहती है. इसलिए इसे बेहद खतरनाक पंचक माना जाता है.
शनिवार के दिन को पहले से ही शुभ कार्यों के लिए अशुभ माना जाता है और पंचक के साथ जुड़ने पर इसका प्रभाव और भी अधिक बढ़ जाता है. यह पंचक मृत्यु के समान कष्ट देता है, यही कारण है कि इसे मृत्यु पंचक कहते हैं.
अगर किसी की मृत्यु पंचक में मृत्यु हो जाए तो शव के साथ कुश या आटे की पांच पुतलियों का भी अंतिम संस्कर करना जरूरी होता है. दुर्घटना, चोट, वाद-विवाद या लड़ाई-झगड़ा आदि होने का खतरा बढ़ जाता है. लोहा या इक्ट्ठा करने से बचें.
मृत्यु पंचक के दौरान शव का अंतिम संस्कार करने से पहले कुछ विशेष क्रिया का विधान है. अन्यथा परिवार पर संकट मंडराने लगता है. परिवार के अन्य सदस्यों को इस दौरान कुश के पांच पुतले बनाकर पहले उनका अंतिम संस्कार करना चाहिए.
पंचक के दौरान विवाहित महिलाओं को अपने मायके या ससुराल नहीं जाना चाहिए. इस दौरान जहां आपका स्थाई वास हो सिर्फ वहीं रहना चाहिए. इस दौरान यात्रा करने से दुर्घटना की आशंका अधिक रहती है.