Monsoon: रूठे मानसून को मनाने के लिए गधे को गुलाब जामुन तो कहीं श्मशान में बुवाई, अनोखे टोटके अपना रहे लोग

मानसून टोटके
भटके मानसून को बुलाने के लिए हाल ही में सोशल मीडिया पर भोपाल की एक अनोखी घटना वायरल हो रही है. यहां लोग अच्छी बारिश के लिए गधे को गुलाब जामुन खिला रहे हैं. लोकमान्यता के अनुसार ऐसा करने पर ऐसा करने से इंद्रदेव प्रसन्न होते हैं
जब मानसून में देरी होती है तो एमपी के छिंदवाड़ा में बच्चों को नीम की पत्तियां पहनाकर या लपेटकर पूरे गांव में घुमाया जाता है. इस दौरान लोग उन पर पानी डालते हैं. ये प्रकृति को प्रसन्न करने की लोकमान्यता है.
रूठे मानसून को मनाने के लिए एमपी में लोगों को गधे पर बैठाकर श्मशान में बुवाई कराई जाती है. लोक मान्यता के अनुसार इससे अच्छी बारिश होती है.
मेंढक-मेंढकी का विवाह- अच्छी बारिश के लिए ये लोकमान्यता सबसे प्रचलित है. सूखा पड़ने पर लोग नर और मादा मेंढ़क का प्रतीकात्मक विवाह कराते हैं। मान्यता है कि इससे इंद्र देव प्रसन्न होते हैं. ।म.प्र, यूपी, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, ओडिशा, असम में ये टोटका अपनाते हैं. सबसे प्रसिद्ध लोक परंपराओं में से एक है.
अच्छी बारिश की कामना से एमपी के शिकारपुरा गांव में अफसर लोगों को कड़ी धूप में सूखे पेड़ से बांधा जाता है. लोकमान्यता है कि इससे सूखा नहीं रहता है.
एमपी के बैतूल में भगवान इंद्र की प्रतिमा को मिट्टी के लेप से ढांक देते हैं और प्रतिमा के सिर पर एक पत्थर रख दिया जाता है. इसके बाद देव प्रतिमा की 48 घंटे तक परिक्रमा की जाती है. लोकमान्यता है कि जब इंद्रदेव को कष्ट होता है तो बारिश अच्छी होती है.
भारत में रूठे मानसून को मनाने के लिए ये टोटके लोकमान्यताओं पर आधारित हैं.बारिश का होना मौसम और प्राकृतिक प्रक्रियाओं पर निर्भर करता है.