Makar Sankranti 2026: सावधान! मकर संक्रांति की खिचड़ी में ये 5 चीजें डालते ही लग सकता है दोष
14 जनवरी 2026 को देशभर में श्रद्धा, आस्था और उत्साह के साथ खिचड़ी पर्व यानी मकर संक्रांति मनाई जा रही है. वहीं कुछ लोग उदयातिथि के अनुसार 15 जनवरी को भी मकर संक्रांति मनाएंगे. सूर्य जब धनु राशि से निकलकर मकर में आते हैं, तब मकर संक्रांति मनाई जाती है.
इस वर्ष 2026 में मकर संक्रांति के दिन षटतिला एकादशी का भी संयोग बना है. एकादशी तिथि होने के कारण लोग आज के दिन खिचड़ी नहीं बनाएंगे, लेकिन द्वादशी तिथि पर खिचड़ी बना सकते हैं. आज आप चावल का इस्तेमाल न करते हुए साबूदाना, समा चावल या दलिया आदि वाली खिचड़ी बना सकते हैं.
मकर संक्रांति के दिन खिचड़ी बनाने का महत्व है. इस दिन खिचड़ी बनाना, खाना और दान करना की परंपरा बहुत प्राचीन है और इसे शुभ माना जाता है. लेकिन मकर संक्रांति की खिचड़ी बनाने समय शुद्धता और सात्विकता का ध्यान रखें और कुछ नियमों का पालन करें.
मकर संक्रांति बहुत ही पावन पर्व है और इस दिन का भोजन पूरी तरह सात्विक होना चाहिए. इसलिए मकर संक्रांति की खिचड़ी में लहसुन-प्याज जैसी तामसिक चीजों को डालने से बचें. इससे भोजन की सात्विकता नष्ट होती है.
खिचड़ी पर्व पर घर पर मांसाहार चीजें जैसे अंडा-मछली आदि न लाएं और ना ही इन चीजों का इस्तेमाल खिचड़ी में किसी भी रूप में करें. सूर्य उपासना के विशेष दिन पर शुद्धता का विशेष ध्यान रखना चाहिए.
मकर संक्रांति की खिचड़ी को प्रसाद की तरह बनाएं. इसलिए बहुत अधिक लाल मिर्च और गरम मसालों या तेल आदि के उपयोग से बचें. खिचड़ी को सुपाच्य और हल्का बनाना चाहिए, जिससे कि वह शरीर को ठंड के मौसम में संतुलित ऊर्जा प्रदान करे.
खिचड़ी में इस्तेमाल होने वाली दाल, चावल और सब्जियां पूरी तरह साफ और शुद्ध होनी चाहिए. ध्यान रहे कि इस्तेमाल किया जाने वाला नमक या घी आदि भी पहले से जूठा न हो. इन नियमों का पालन करते हुए शुद्ध और सात्विक रूप से मकर संक्रांति की खिचड़ी बना सकते हैं.