Imran Khan: इस्लाम में इद्दत क्या है, जिसका पालन न करने पर इमरान खान और बुशरा बीबी को हुई थी सजा
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को लेकर हाल ही में चौंकाने वाला दावा किया गया, जिसके अनुसार जेल में उनकी हत्या कर दी गई है. हालांकि अभी तक इस खबर पर किसी तरह की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है.
इमरान खान ने जनवरी 2018 को लाहौर में बुशरा बीबी के साथ निकाह किया. यह इमरान खान की तीसरी शादी थी. निकाह कराने वाले मौलवी मुफ्ती मोहम्मद सईद की गवाही के अनुसार, नवंबर 2017 में बुशरा का तलाक उनके शौहर से हुआ था.
मौलवी मुफ्ती मोहम्मद सईद के अनुसार, निकाह के बाद इमरान खान ने एक महीने के बाद फरवरी 2018 में उनसे फिर से संपर्क किया और बुशरा बीबी के साथ नए सिरे से निकाह करने का अनुरोध किया. क्योंकि जनवरी में हुआ निकाह शरिया के सिद्धांतों के खिलाफ था.
बुशरा बीबी के पूर्व पति ने भी इस निकाह को गैर-इस्लामिक और धोखाधड़ी बताया था. क्योंकि इमरान खान के साथ बुशरा बीबी का निकाह इद्दत (तलाक के बाद की निर्धारित अवधि) के दौरान हुआ था.
दरअसल इस्लाम में पुनर्विवाह के लिए एक नियम है, जिसे इद्दत कहा जाता है. सरल शब्दों में इसे ‘प्रतीज्ञा की अवधि’ कहा जाता है. यह ऐसी अवधि है, जिसका पालन एक मुस्लिम महिला को पति की मृत्यु या तलाक के बाद करना पड़ता है.
इद्दत की अवधि में मुस्लिम महिला किसी गैर पुरुष से निकाह नहीं कर सकती है. अगर कोई इस नियम के विरुद्ध जाकर शादी करता है तो उसे गैर इस्लामिक निकाह या अवैध निकाह माना जाता है.
इसी मामले में एक ट्रायल कोर्ट ने इसे गैर इस्लामिक निकाह माना और इमरान खान और बुशरा बीबी दोनों को 7-7 साल जेल की सजा सुनाई है. साथ ही 5 लाख रुपये जुर्माना भी लगाया. हालांकि बाद में उन्हें बरी कर दिया गया.