Holika Dahan 2026 Niyam: होलिका दहन में भूल से भी न डालें ये चीजें, राहु पीछा नहीं छोड़ेगा
होलिका दहन में कभी हरे-भरे पेड़ों की लकड़ियां न डालें. न ही कोई प्लास्टिक का सामान डालना चाहिए. होलिका की अग्नि पवित्र होती है. ऐसा करने पर दोष लगता है. आर्थिक रूप से परेशानी झेलनी पड़ती है. नकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है.
कई लोग होली में चमड़े के टायर भी लगा देते हैं, जिससे अग्नि अच्छी तरह जले लेकिन ऐसा करना शुभ नहीं होता है. मान्यता है इससे परिवार में क्लेश बढ़ते हैं. ये पर्यावरण के लिए भी शुभ नहीं है.
होलिकी की पूजा में कभी पुराने कपड़े अर्पित न करें. न ही फटे हुए, गंदे कपड़ों का इस्तेमाल करें. अग्नि में गंदगी डालने से राहु केतु का दोष बढ़ता है.
होलिकी की पूजा करते समय कभी भी तीन की संख्या में पकवान, मिठाई अर्पित न करें. इसे अशुभ माना जाता है. ये मानसिक और शारीरिक कष्ट को बढ़ावा देता है.
होलिका दहन में सूखी लकड़ी, गोबर के उपले, सूखी पत्तियाँ, नारियल, गेहूं की बालियां जरुर अर्पित करना चाहिए. ये शुभता लाता है.
होलिका दहन 2 मार्च को शाम 06:24 बजे से शाम 06:36 बजे के मध्य (कुल 12 मिनट के लिए किया जाएगा. वहीं दूसरा मुहूर्त मध्यरात्रि 01:23 बजे से 02:34 बजे तक.