Hariyali Amavasya 2026: हरियाली अमावस्या पर ग्रहण का साया! पौधे लगाएं या नहीं, जान लें नियम

हरियाली अमावस्या 2026
सावन में हरियाली अमावस्या तिथि को प्रकृति और देवताओं की आराधना का पर्व माना गया है. स्कंद पुराण में इस दिन वृक्षारोपण को महान पुण्यदायक कार्य बताया गया है. इस दिन घर, मंदिर या गौशाला में पौधे लगाने से पर्यावरण संरक्षण के साथ धार्मिक पुण्य भी मिलता है.
इस बार हरियाली अमावस्या पर सूर्य ग्रहण लग रहा है. ग्रहण के दौरान तुलसी, बेलपत्र या अन्य पेड़ को छूने की मनाही होती है. ये ग्रहण 12 अगस्त की रात 9 बजकर 4 मिनट पर शुरू होगा और समापन 13 अगस्त की सुबह 4 बजकर 25 मिनट पर होगा, रात में सूर्य ग्रहण होने से ये भारत में दिखाई नहीं देगा. ऐसे में शास्त्रों के अनुसार आप पौधारोपण बिना रुकावट के कर सकते हैं.
हरियाली अमावस्या पर घर में आंवला का पौधा लगा सकते हैं. पद्म पुराण में आंवले को अत्यंत पवित्र वृक्ष बताया गया है. इसकी पूजा और रोपण से पुण्य, आरोग्य की प्राप्ति की मान्यता है. इसकी रोजाना पूजा से मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है.
दीर्धायु और अखंड सौभाग्य की प्राप्ति के लिए मंदिर में पीपल, बरगद, नीम का पेड़ हरियाली अमावस्या पर लगा सकते हैं. इन पौधों को सार्वजनिक स्थान पर ही लगाना चाहिए. घर में नहीं.
बेलपत्र का पौधा सावन अमावस्या पर घर में लगाना सबसे शुभ होता है. शिव जी की कृपा सदा घर वालों पर बनी रहती है. इसके घर आंगन में होने से नकारात्मक ऊर्जा घर में प्रवेश नहीं करती. क्लेश खत्म होते हैं. परिवार में सुख-समृद्धि आती है.
घर में तुलसी और हरसिंगार का पौधा भी हरियाली अमावस्या पर लगा सकते हैं. तुलसी लक्ष्मी जी को और हरसिंगार श्रीकृष्ण को अति प्रिय है. इनके प्रभाव से धन, संपन्नता बनी रहती है.