Guru Chandal Yog 2023: गुरू चांडाल योग के चपेट में 4 राशियां, अशुभ प्रभाव से बचाएंगे ये उपाय

गुरु चांडाल योग का प्रभाव और उपाय
ज्योतिष शास्त्र में कई तरह के ऐसे योग के बारे में बताया गया है जो शुभ और अशुभ फल देते हैं. इन्हीं में से एक योग है गुरु चांडाल योग. यह योग कुंडली में राहु और गुरु एक साथ आने से बनता है.
गुरु बुद्धि, ज्ञान और धर्म के कारक होते हैं. अगर किसी की कुंडली में गुरु नीच हो जाए तो व्यक्ति इन सब से विपरीत कर्म करने लगता है. वहीं राहु की वजह से व्यक्ति को अनैतिक और गैर कानूनी कार्य करने का बल मिलता है.
गुरु चांडाल योग बनने पर राहु और गुरु के नकारात्मक प्रभाव पड़ने लगते हैं. गुरु चांडाल योग जातक को अक्सर बुरे परिणाम ही देता है. इस समय मेष राशि में गुरु और राहु ग्रह की युति से गुरु चांडाल योग का निर्माण हो रहा है. गुरु चांडाल योग का प्रभाव मानसिक तौर पर ज्यादा पड़ता है. इसकी वजह से व्यक्ति का जीवन अस्थिर हो जाता है. यह अशुभ योग करीब 7 महीने तक रहेगा.
गुरु चांडाल योग का सबसे ज्यादा नकारात्मक प्रभाव 4 राशियों पर पड़ने वाला है. गुरु चांडाल योग का निर्माण मेष राशि में हो रहा है. ऐसे में इसका सबसे अधिक नकारात्मक प्रभाव मेष राशि वालों के जीवन पर पड़ेगा. उनके मन में अशांति रहेगी और उन्हें कई शारीरिक कष्टों का सामना करना पड़ेगा.
मिथुन राशि वाले लोगों के जीवन पर भी गुरु चांडाल योग का नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा. इस दौरान आपको कोई अशुभ समाचार सुनने को मिल सकता है. कुछ आर्थिक नुकसान भी आपको उठाने पड़ सकते हैं.
गुरु चांडाल योग के प्रभाव से धनु राशि वालों के जीवन में कुछ अशुभ घटनाएं हो सकती हैं. आपको इस समय वाहन चलाते समय सावधान रहना चाहिए. दुर्घटना की संभावना है. आपके करियर में भी उतार-चढ़ाव बना रहेगा.
कुंभ राशि वाले लोगों को भी गुरु चांडाल योग से सावधान रहने की जरूरत है. इस योग के कारण आपके आत्मविश्वास में कमी आएगी और मन अशांत रहेगा. आर्थिक स्थिति भी बहुत अच्छी नहीं रहेगी. इसलिए इस समय आपको निवेश की योजना से बचना चाहिए.
कुंडली में गुरु चांडाल योग हो तो हल्दी और केसर का तिलक माथे पर लगाकर ही घर से निकलना चाहिए. इससे गुरु प्रबल होते हैं. अपने से बड़ों का हमेशा सम्मान करें और उनके फैसलों को बहुत ध्यान से सुनें. गुरु चांडाल योग होने पर नियमित रूप से भगवान गणेश और माता सरस्वती की पूजा-अर्चना करें. किसी ज्योतिषी की सलाह से गले में पीला पुखराज धारण करें. इससे गुरु चांडाल योग का बुरा प्रभाव कम होता है.