Ganesh Ji: दशहरा पर गणेश पूजा का भी बन रहा है उत्तम संयोग, जानें इस दिन सिद्धि विनायक की पूजा का महत्व
Dussehra 2022, Ganesh Ji, Wednesday Puja: पंचांग के अनुसार 5 अक्टूबर 2022, बुधवार को आश्विन मास की शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि है. इस दशहरा के पर्व के तौर पर मनाते हैं. इस दिन का विशेष धार्मिक महत्व है. बुधवार के दिन दशहरा पड़ रहा है. बुधवार का दिन गणेश जी का समर्पित माना गया है. इस दिन भगवान राम के साथ गणेश जी की पूजा का भी संयोग बना है.
इस दिन श्रृद्धा पूर्वक गणेश जी की विधिवत आराधना करता है उसके सारे विघ्न, बाधाएं, तमाम तरह के संकट दूर हो जाते हैं. बुधवार का दिन गणेश जी की कृपा पाने के लिए उत्तम माना गया है. इस दिन विशेष संयोग भी बना हुआ है.
पौराणिक कथा अनुसार गणेश जी की उत्पत्ति माता पार्वती के उबटन से हुई थी. जब बाल गणेश का जन्म हुआ तब कैलाश पर बुध देव भी मौजूद थे. बुद्धि के देवता बुध को बुधवार का दिन समर्पित है. बुध देव की उपस्थिति के कारण प्रथम पूजनीय गणेश जी की पूजा के लिए बुधदेव प्रतिनिधि वार हुए, तब से ही बुधवार के दिन गणेश जी की पूजा की जाने लगी.
बुधवार के दिन गणेश जी की विधिवत उपासना करने से बुध दोष भी शांत होते हैं. इसके साथ ही जिन लोगों की कुंडली में पाप ग्रह केतु अशुभ फल प्रदान कर रहा है. उनके लिए भी बुधवार का दिन शुभ है. इस दिन गणेश जी की पूजा से केतु का दोष भी दूर होता है.
बुधवार के उपाय: बुधवार के दिन गणपति के सिद्धि विनायक रूप का ध्यान करें और पूजा स्थान पर गणेश जी की तस्वीर या मूर्ति पर 21 दूर्वा चढ़ाएं. इससे सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं.
भगवान गणेश के अवतारों में अष्ट विनायक सबसे ज्याद प्रसिद्ध है. वैसे तो विघ्नहर्ता के हर रूप की पूजा फलदायी है लेकिन बुधवार के दिन सिद्धि विनायक रूप की उपासना मंगलकारी मानी जाती है. सिद्धि विनायक रूप की पूजा से बिगड़े काम बन जाते हैं. सुख-सौभाग्य में कमी नहीं आती.