Christmas 2025: क्रिसमस पर मोमबत्ती जलाकर क्यों करते हैं प्रार्थना, बेहद खास है वजह
क्रिसमस का त्योहार केक, क्रिसमस ट्री, केंडल्स के बिना अधूरा माना जाता है. क्रिसमस और मोमबत्तियों का संबंध बहुत पुराना है. क्रिसमस ईव पर मोमबत्तियां जलाकर यीशु से प्रार्थना की जाती है.
दरअसल क्रिसमस पर जलाई जाने वाली इन मोमबत्तियों को इन मोमबत्तियों को बेथलेहम के सितारे का प्रतीक माना जाता है, इसके अलावा ये प्रेम, आनंद और आशा का प्रतीक भी हैं.
बाइबिल के अनुसार, जब ईसा मसीह का जन्म हुआ था, तो आसमान में चमकता हुआ नया तारा दिखाई दिया था, जो बाकी तारों से अलग था. मोमबत्तियां इसी तारे की रोशनी के प्रतीक के रूप में जलाई जाती हैं.
जैसे दिवाली पर दीप जलाकर देवी-देवताओं से प्रार्थना की जाती है उसी तरह क्रिसमस पर मोमबत्ती जलाना यीशु के जीवन का अंधकार दूर कर सुख-समृद्धि की कामना की जाती है.
क्रिसमस ईव पर रंग-बिरंगी मोमबत्ती जलाने का विशेष महत्व है. पीले रंग की मोमबत्ती सौहार्द और रिश्तों में मिठास बनी रहने की कामना से जलाई जाती है. वहीं सफेद रंग की मोमबत्ती लक्ष्य प्राप्ति का प्रतिनिधत्व करती है.
जीवन में प्रसिद्धि और वैभव पाने के लिए लाल रंग की मोमबत्ती का इस्तेमाल किया जाता है. धन और तरक्की के लिए नारंगी रंग की मोमबत्ती जलाई जाती है