Chhath Puja 2024: छठ पूजा में क्यों जरूरी है हल्दी, अदरक, मूली जैसी चीजें
छठ महापर्व आस्था और प्रकृति से जुड़ा पर्व है. इसमें डूबते और उगते सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है, पारंपरिक तरीके से छठ पूजा मनाना यह दर्शाता है कि यह जमीन से जुड़ा पर्व है. स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के साथ ही यह पर्यावरण संरक्षण का भी संदेश देता है.
इस साल छठ पूजा की शुरुआत 5 नवंबर से हुई है और इसका समापन 8 नवंबर 2024 को होगा. छठ पर्व में षष्ठी और सप्तमी का दिन सबसे महत्वपूर्ण होता है. इसके लिए ठेकुआ समेत कई प्रकार के प्रसाद बनाए जाते हैं और सूर्य देव को अर्घ्य देने के लिए विशेष चीजों से सूप-डाला सजाया जाता है.
छठ पूजा के लिए जो चीज सबसे महत्वपूर्ण मानी जाती है वह है हल्दी, अदरक और मूली. ये चीजें पूजा के लिए इतनी जरूरी होती है इसके बिना पूजा अधूरी मानी जाती है. वर्षों से ये चीजें छठ पूजा पर चढ़ाई जा रही है. आइये जानते हैं छठ पूजा के लिए आखिर इतनी जरूरी क्यों है अदरक, मूली और हल्दी.
छठ पूजा में उपयोग होने वाली चीजें विशेष गुणों से भरपूर होती है, जिसमें हल्दी भी एक है. छठ पर्व हजारों साले से हल्दी आदि जैसी चीजें चढ़ाई जाती है. हल्दी को हिंदू धर्म में पवित्रता का भी प्रतीक माना जाता है. मान्यता है कि हल्दी को सूप में रखकर अर्घ्य देने से व्रती की आस्था अधिक प्रबल होती है.
छठ पूजा के सूप में पत्तेवाली मूली भी रखी जाती है,जिसे मूलरूप से छठी मैया को चढ़ाया जाता है. इसलिए सूप या डाला तैयार करते समय मूली रखना अनिवार्य होता है. इसलिए छठ पूजा के दौरान मूली का सेवन वर्जित माना जाता है. छठ पूजा के बाद आप इसका सेवन शुरू कर सकते हैं.
अदरक में रोग नाशक गुण पाए जाते हैं, जोकि संक्रमण से बचाता है. छठी मैया की पूजा में सूप में पौधे वाले अदरक भी रखे जाते हैं. छठ पूजा में अदरक चढ़ाए जाने के पीछे ऐसा माना जाता है कि इससे प्रसाद की शुद्धता बनी रहती है.