Chhath Puja 2023 Niyam: छठ पूजा का नियम क्या है? भूलकर भी ना करें ये गलतियां, छठी मईया नाराज हो सकती हैं

छठ पूजा 2023
आज 17 नवंबर से छठ पूजा की शुरुआत हो चुकी है. आज छठ पूजा का पहला दिन है, जिसे नहाय खाय कहा जाता है. छठ पूजा में छठी मैया और सूर्य देव की पूजा की जाती है. छठ पूजा का व्रत काफी कठिन होता है. इसमें कुछ खास नियमों का ध्यान रखना बहुत जरूरी होता है.
छठ पूजा में साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखना चाहिए. छठ पूजा के समय प्रसाद में इस्तेमाल होने वाले सभी चीजों की अच्छे से सफाई करनी चाहिए. इन अनाजों को घर पर ही धोकर, कूटकर और पीसकर बनाया जाता है.
छठ का प्रसाद बनाते समय चूल्हे का खास ख्याल रखें. इन चारों दिन प्रसाद के लिए नए चूल्हे का ही प्रयोग करना चाहिए. चूल्हा ऐसा होना चाहिए जिसे रोज लीपा जा सके.
अगर आप छठ में गैस स्टोव का प्रयोग करते हैं, तो नए स्टोव का प्रयोग करना चाहिए. इसे हर साल केवल छठ के दिन ही इस्तेमाल किया जाना चाहिए. छठ पूजा में पहले इस्तेमाल किए गए चूल्हे का दोबारा इस्तेमाल नहीं करना चाहिए.
छठ पूजा के लिए कभी भी स्टील या शीशे के बर्तन प्रयोग नहीं करना चाहिए. इसमें बांस से बने सूप और टोकरी का ही इस्तेमाल करना चाहिए. पूजा का सारा प्रसाद शुद्ध घी में ही बनाया जाना चाहिए.
छठ पूजा का प्रसाद बहुत पवित्र होता है. इसे बनाते समय भूलकर भी जूठा न करें. प्रसाद बनाते से पहले कुछ भी न खाएं. प्रसाद बनाने वाली जगह पूरी तरह स्वच्छ होनी चाहिए. नहाकर साफ-सुथरे कपड़े पहन कर ही छठ पूजा का प्रसाद बनाना चाहिए.
छठ पूजा में व्रती का बिस्तर पर सोना वर्जित माना जाता है. व्रत करने वाले व्यक्ति को छठ महापर्व के चारों दिन जमीन पर चटाई बिछाकर सोना चाहिए.
छठ पूजा के समय बहुत आत्म संयम रखना चाहिए. इन चार दिनों में खुद को नकारामक बातों से दूर रखना चाहिए. किसी पर क्रोधित न हों और ना ही किसी के बारे में बुरा सोचें. इन दिनों ब्रह्मचर्य के नियमों का पालन करना चाहिए.