Budh Purnima 2025: बुद्ध पूर्णिमा कब? जानें इस दिन पूजा का शुभ मुहूर्त और विधि
बुद्ध पूर्णिमा, जिसे वैशाख पूर्णिमा भी कहा जाता है,गौतम बुद्ध के जन्म,ज्ञान प्राप्ति और महापरिनिर्वाण के दिन के रूप में मनाई जाती है.यह दिन बौद्ध धर्म के अनुयायियों के लिए अत्यंत पवित्र होता है और इसे वैशाख महीने की पूर्णिमा को मनाया जाता है.
इस दिन विशेष पूजा विधि के अनुसार प्रातःकाल स्नान करके सफेद वस्त्र पहनने चाहिए,फिर भगवान बुद्ध की प्रतिमा को गंगाजल से स्नान कराकर धूप,दीप,पुष्प,चंदन और फल अर्पित किए जाते हैं.शांतिपाठ और बुद्ध वचनों का पाठ भी किया जाता है
शुभ मुहूर्त के अनुसार,बुद्ध पूर्णिमा की पूजा सूर्योदय से पूर्व स्नान और ध्यान से आरंभ की जाती है.2025 में बुद्ध पूर्णिमा 12 मई को है और यह दिन आत्मनिरीक्षण,संयम और शांति के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है,जो सम्पूर्ण मानवता के लिए उपयोगी है.
इस दिन बौद्ध मंदिरों में विशेष अनुष्ठान होते हैं,जहां भगवान बुद्ध की प्रतिमा पर जल,दूध,चंदन आदि चढ़ाकर स्तूपों की परिक्रमा की जाती है.उपासक ध्यान करते हैं और ‘बुद्धं शरणं गच्छामि’जैसे त्रिशरण मंत्र का जप करते हैं.
कई स्थानों पर बौद्ध ग्रंथों का वाचन भी किया जाता है जैसे धम्मपद और जातक कथाएं. इससे जीवन में करुणा, संयम और विवेक की भावना को बढ़ावा मिलता है, जो बुद्ध के शिक्षण का सार हैं.
बुद्ध पूर्णिमा के दिन बोधिवृक्ष की पूजा भी की जाती है, क्योंकि यहीं पर भगवान बुद्ध को ज्ञान प्राप्त हुआ था. वृक्ष के चारों ओर दीप जलाकर परिक्रमा की जाती है और वहां मौन साधना की जाती है.